Bharat Bandh Bihar: Trains Stopped In Bharat Bandh, Lathi Charge In Patna-jehanabad, Many Injured – Amar Ujala Hindi News Live

बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन हुआ।
– फोटो : अमर उजाला
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अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण में क्रीमी लेयर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देशभर के विभिन्न संगठनों ने आज भारत बंद का आह्वान किया था। बिहार के सभी 38 जिलों में बंद का असर देखने को मिला। दरभंगा, मधुबनी, मोतिहारी, आरा समेत कुछ जगहों पर ट्रेनें रोक दी गई। दरभंगा में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस पर को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया और प्रदर्शन करने लगे। इस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं मोतिहारी में प्रदर्शन कारियों ने एक बाइक शोरूम में घुसकर कर्मचारियों के साथ मारपीट की। भागलपुर, बांका, बेगूसराय, आरा, बक्सर, सासाराम, सीवान, बेतिया, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, नालंदा, नवादा, वैशाली में बंद का मिला-जुला असर दिखा। कई जगह हाईवे को प्रदर्शनकारियों ने जाम कर दिया। इस कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पटना और जहानाबाद में लाठीचार्ज
इधर, पटना और जहानाबाद में प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। पुलिस ने समझाने की काफी कोशिश की लेकिन यह लोग नहीं माने। पटना यूनिवर्सिटी की तरफ से भीड़ चली आ रही थी। जीपीओ गोलम्बर तक आते-आते भीड़ दो रास्तों में बंट गई। शुरूआती समय में न्यू डाकबंगला रोड की तरफ से भीड़ की शक्ल में प्रदर्शनकारी सरकार, सुप्रीम कोर्ट, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे बाजी करते हुए बैरिकेडिंग तक पहुंच गये। लगभग 40 मिनट तक पुलिस उनको रोक के रखी। पुलिस का कहना था कि बैरिकेडिंग को आप पर मत कीजिये, जबकि भीड़ बैरिकेडिंग को तोड़ने के लिए अथक प्रयास कर रही थी। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और डाक बंगला के मुख्य चौक की तरफ दौड़ गये। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। करीब दो बजे दोपहर में प्रदर्शनकारी डाकबंगला चौराहा से हटे।
पप्पू यादव ने किया बंद का समर्थन
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सरकार आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रही है। पप्पू यादव ने कहा कि यह बंद सामाजिक न्याय और समानता के लिए है। उन्होंने आरक्षण की समाप्ति के खिलाफ लड़ने की बात कही। पप्पू यादव ने कहा कि आरक्षण से अनुसूचित जाति/जनजाति के जीवन स्तर में बदलाव आया है, लेकिन इसका मूल्यांकन नहीं किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, जीतन मांझी, चंद्रबाबू नायडू और हुड्डा पर आरक्षण विरोधी होने का आरोप लगाया। पप्पू यादव ने कहा कि यह बंद किसी संगठन या दल विशेष का नहीं है, बल्कि यह सामाजिक क्रांति का विचार रखने वाले छात्र और युवाओं की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि वे आज उनके साथ खड़े हैं।

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