
विराट और धोनी
विराट कोहली और महेंद्र सिंह धोनी के बीच एक खास रिश्ता है, जो साल 2008 से चला आ रहा है। विराट कोहली ने धोनी की कप्तानी मे ही अपना डेब्यू किया था। लगभग 11 सालों तक दोनों खिलाड़ी टीम इंडिया में साथ खेले और इस दौरान दोनों की दोस्ती काफी गहरी होती चली गई। इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायमेंट लेने के बाद भी धोनी की कोहली के साथ दोस्ती बरकरार है और जब भी दोनों IPL के दौरान मिलते हैं, तो नजारा देखने लायक होता है। इस बीच कोहली के साथ अपने रिश्ते को लेकर धोनी ने बड़ा खुलासा किया है। धोनी ने बताया कि कैसे इस गहरी दोस्ती की शुरुआत हुई और आज भी उन दोनों के बीच एक सीनियर और जूनियर की लाइन है।
महेंद्र सिंह धोनी ने जियो हॉटस्टार के साथ बातचीत में कहा कि विराट शुरू से ही योगदान देना चाहता था। वह कभी भी 40 या 60 रन से खुश नहीं होता था; वह 100 रन बनाना चाहता था और अंत तक नॉट आउट रहना चाहता था। इसलिए, उसमें रन बनाने की भूख शुरू से ही थी। जिस तरह से उसने अपनी बल्लेबाजी में सुधार किया और प्रदर्शन करने की उसकी इच्छाशक्ति ने उसे आगे बढ़ाया। उसने अपने फिटनेस लेवल को बढ़ाया और हमेशा फील्ड पर शत प्रतिशत दिया। तो वह हमेशा ऐसा ही था। वह आकर बात करता- ‘मैं अक्या कर सकता था? मैं यह कर सकता था।
कोहली के साथ दोस्ती का खास रिश्ता
उन्होंने कहा कि हमने बहुत सारी बातचीत की, और इससे वे खुल गए। फिर, उन्होंने कोहली को ईमानदार राय दी और इस तरह से रिश्ता आगे बढ़ा। यह रिश्ता पहले एक कप्तान और एक युवा खिलाड़ी के बीच था, लेकिन एक बार जब आप बातचीत करते हैं, तो आप दोस्त बन जाते हैं। लेकिन उन्हें अभी भी लगता है कि उनके बीच एक लाइन है – सीनियर और जूनियर की। हालांकि वे अभी भी दोस्त हैं क्योंकि दोनों ही कप्तान नहीं हैं। जिसका मतलब है कि टॉस से पहले बात करने का बहुत समय होता है।
भरोसा बहुत अहम
विराट कोहली ने जब टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी थी, तो उन्होंने खुलासा किया था कि सिर्फ एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था और वह धोनी थे। कोहली ने कहा था कि धोनी का मैसेज हमेशा उनके लिए यादगार रहेगा। इस पर धोनी ने कहा कि वह रिश्तों के बारे में बात करेंगे, उस मैसेज के बारे में नहीं। वह इसे वैसे ही रखना चाहते हैं। उनसे कुछ भी कहो और यह बात बाहर नहीं आएगी, किसी तीसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगी। इसलिए यह भरोसा बहुत महत्वपूर्ण है।
