Jaipur:जिलाध्यक्षों की बैठक में अपने ही मंत्रियों से खफा दिखे पीसीसी चीफ, बोले- ये वक़्त दोस्ती निभाने का नहीं – Pcc Chief Was Seen Angry With His Own Ministers In The Meeting Of District Heads

पीसीसी कार्यकारिणी की बैठक।
– फोटो : Amar Ujala Digital
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राजस्थान प्रदेश कांग्रेस की नई कार्यकारिणी, जिलाध्यक्षों, अंग्रेजी अग्रिम संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक लेते हुए पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस के मंत्रियों को इशारों में बड़ा उलाहना दे दिया। उन्होंने कहा हमारे कुछ नेता आरएसएस-बीजेपी नेताओं से दोस्ती निभाते हैं, मैं मानता हूं और मुझे पता है कि किसी बीजेपी के नेता के कहने से अफसर चेंज हो जाते हैं, लेकिन कांग्रेस एमएलए और कार्यकर्ता के कहने पर नहीं होते।
डोटासरा ने कहा हम और संगठन पदाधिकारी जब फील्ड में जाते हैं, तो ये बातें हमें सुनने भी मिलती हैं। ये दिक्कतें सामने आती हैं। हम पार्टी संगठन के लोग हैं। हम सबने मिलकर सरकार बनाई है। हमारे कुछ लोग बीजेपी और आरएसएस को ठोककर जवाब देते हैं। डोटासरा ने कहा- जब मेरा गला नहीं काट सकते, तो तुम्हारा क्या बिगाड़ लेंगे? आरएसएस और बीजेपी गड़बड़ कर रही है तो खुलकर बोलो, क्योंकि ये वक़्त दोस्ती निभाने का नहीं है। प्रदेश में हमारी सरकार दोबारा आएगी, तो संगठन के कारण से ही आएगी। जो कार्यकर्ता नेता पार्टी संगठन को महत्व देगा उसका ही भविष्य उज्ज्वल होगा। प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों से हम ये उम्मीद रखते हैं कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी जब भी उन्हें फील्ड में जाने के निर्देश दे, तो आपको जाना पड़ेगा। जो नहीं जाएगा उसके बारे में माना जाएगा कि वह काम करने का इच्छुक नहीं है। मुझे जो कुछ मिला, वह स्पष्टवादिता के कारण मिला है। अगर कभी कोई नुकसान होगा, तो मैं वो भुगतने को तैयार हूं, लेकिन काम तो करना पड़ेगा। डोटासरा ने कहा- राहुल गांधी ने पूछा था कि कौन सबसे बेहतर जिलाध्यक्ष है? तो उस समय के प्रभारी अविनाश पांडेय और सह प्रभारी काजी निजामुद्दीन ने मेरा नाम बताया, डोटासरा। तो मैं उसी दिन मंत्री बन गया था। ये मेरा सौभाग्य है और पार्टी इतना ध्यान रखती है।
बड़े नेताओं की सिफारिश से बने 15-20 सचिव- पदाधिकारी गलतफहमी में न रहें
डोटासरा बोले-किसी पदाधिकारी को कोई गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि मैं पदाधिकारी बन गया। किसी की सिफारिश से बन गए। हम में से कई लोगों ने किसी की सिफारिश की होगी। मैं समझता हूँ सचिव बहुत ज़्यादा बने हैं। 15-20 पदाधिकारी सिफारिश से आए हैं। उनकी किसी बड़े नेता ने सिफारिश की है, तो इसका मतलब यह है कि वह सीनियर नेता यह चाहता है कि आप कांग्रेस के लिए काम करें और अपना योगदान दें। कांग्रेस पार्टी को मजबूत कर दोबारा अपना राज लाएं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उसी बड़े नेता के इर्द-गिर्द घूमते रहें। वो कहे तो पीसीसी या जिले में जाएं। नहीं कहे तो ना जाएं। काम तो संगठन में करना पड़ेगा।
व्हाट्स ऐप, ईमेल दो दिन में अपडेट कर देखें, नहीं देखने के कारण पिछली कार्यकारिणी के कई नेताओं को विदा किया
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ईमेल और व्हाट्सएप देखते रहने के लिए सभी नए पदाधिकारियों को साफ दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा- प्रदेश कांग्रेस के अलग-अलग व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ें और उन उन पर अपडेट देते रहें। आपके क्षेत्र में जो भी कार्यक्रम किया जाए, पार्टी की ओर से जो टास्क दिया जाए उसे पूरा करके अगले दिन अखबार में छपी खबर की कटिंग के साथ पीसीसी को उसकी जानकारी भेजें। व्हाट्स एप पर मैसेज देखने के बाद नोटेड लिख दें। जो व्हाट्सएप नहीं देखते थे पिछली कार्यकारिणी में ऐसे 39 पदाधिकारी थे। बहुत तकलीफ से कहना पड़ रहा है हमने संगठन के कामों के लिए वॉट्सऐप ग्रुप बना रखा था। उनमें से 4-5 को छोड़ कोई भी जवाब नहीं देता था। उनमें से बहुत से नेताओं को हमने बाहर कर दिया है। अब भी किसी ने काम नहीं किया तो वह बाहर हो जाएंगे। पता भी नहीं चलेगा कब विदाई हो गई। पार्टी साफ कह देगी आपने अपना काम किया, इसके लिए धन्यवाद। अब यह जिम्मेदारी किसी और को दी जाती है। मैं भी काम नहीं करूंगा तो मुझ से काम लेकर किसी दूसरे को जिम्मेदारी दी जा सकती है, पहले भी दी जाती रही हैं। डोटासरा बोले- प्रभारी, सहप्रभारी, मंत्री या हम जिस जिले में जा रहे हैं, वहां हमारा पदाधिकारी बिना छुट्टी लिए नहीं आया, तो यह मान लेना कि उसी दिन शाम को धन्यवाद सहित सेवाएं समाप्त हैं।
जिलाध्यक्ष सात दिन में कार्यकारिणी बना लें, नहीं बनाई तो जिले में कार्यकारी अध्यक्ष लगा देंगे
पीसीसी चीफ ने कहा- सभी जिलाध्यक्ष सात दिन में अपने अपने ज़िले की कार्यकारिणी बना लें। आज तक जो परिपाटी चलती रही है कि साल भर तक तक जिलाध्यक्ष अपनी कार्यकारिणी नहीं बनाते हैं। वह अब नहीं चलेगा। क्योंकि अब चुनाव हैं और हमारे पास समय नहीं है। आज ही यहां से जाने के बाद जिले के वरिष्ठ नेताओं से मिलकर सुझाव लें और 7 दिन में जिला कार्यकारिणी बनाकर प्रदेश कांग्रेस को भिजवाएं। अगर 7 दिन में जिले की कार्यकारिणी नहीं भिजवाई तो आपके ज़िले में वर्किंग प्रेसिडेंट लगाकर हमें ये काम करवाना पड़ेगा। जिले की कार्यकारिणी के लिए सबकी राय लीजिए। कुछ विधायक कई बार कहने के बावजूद भी कार्यकारिणी के लिए नाम नहीं देते । 4 से 5 बार जीता हुआ विधायक अगर नाम देने में सोचकर बताने की कहे, तो समझ जाएं कि वो किसी को नाराज नहीं करना चाहते हैं। ऐसी हालत में आप सभी से आग्रह है कि आप जिले के सर्वेसर्वा हैं। कांग्रेस कमेटी का आप पर कोई दबाव नहीं है। आप अपने हिसाब से आकलन कर एक्टिव लोगों को कार्यकारिणी की लिस्ट में डाल दीजिये।
ERCP वाले 13 जिलों में सामाजिक संगठनों के साथ करेंगे आंदोलन
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान के 13 जिले जो कि ईआरसीपी परियोजना से लाभान्वित होंगे उनमें सामाजिक संगठनों को साथ लेकर गॉंव-गॉंव, ढाणी-ढाणी जाकर प्रभारी पदाधिकारी कार्य करेंगे और आने वाले समय में इन जिलों में भाजपा की केन्द्र सरकार की वादाखिलाफी के विरूद्ध बड़ा आन्दोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं और पूर्व पदाधिकारियों का सम्मान करें । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े और कांग्रेस नेता श्री राहुल गॉंधी का स्पष्ट संदेश है कि पार्टी की गाइडलाइन या विचारधारा के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ता और अनुशासनहीनता करने वाले पदाधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, तुरन्त उनके खिलाफ कार्यवाही करते हुए पद से हटा दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पदाधिकारियों को पहचान पत्र प्रदान किये जायेंगे। सभी कांग्रेस कार्यकर्ता-पदाधिकारी संगठन के कार्यों में जुटकर राजस्थान में फिर से कांग्रेस की सरकार बने, यह सुनिश्चित करें और आगामी लोकसभा चुनाव में केन्द्र से भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए कमर कसकर जुट जाएं।


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