Post Mortem Should Be Done Again After Removing The Dead Body In The Presence Of Family Members – Jabalpur News
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने एक अपील पर सुनवाई करते हुए परिजनों की उपस्थिति में मृतक की लाश दोबारा निकालने और पुनः पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिए हैं। मृतक छत्तीसगढ़ निवासी एन प्रसाद साहू की लाश बालाघाट जिले के बिरसा थाना क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में पेड़ से लटकी मिली थी, जिसे पुलिस ने आत्महत्या मानकर मामला बंद कर दिया था।
इस संबंध में मृतक की नाबालिग बेटी लालेष्वरी साहू ने अपील दायर कर अपने पिता की हत्या का आरोप लगाया। अपील में कहा गया कि पुलिस ने लाश को बिना समुचित जांच के ही छत्तीसगढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया था, जिसने मृतक को नाबालिग भतीजे की उपस्थिति में दफना दिया। मामले की निष्पक्ष जांच और पुनः पोस्टमार्टम की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। चूंकि घटना मध्य प्रदेश क्षेत्र की थी, इसलिए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में दायर करने का निर्देश दिया था।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की एकलपीठ ने याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन युगलपीठ में दायर अपील के दौरान बालाघाट पुलिस ने स्टेटस रिपोर्ट पेश की, जिसमें खुलासा किया गया कि दिनेश कुमार साहू, रोमन साहू, राखी लाल हिरवाने और टेकचंद्र पटेल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शशांक शेखर और हर्षित बारी ने पैरवी की।
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