Railways: Now Goods Trains Will Not Become A Hindrance In The Operation Of Passenger Trains – Amar Ujala Hindi News Live

पिलखनी से साहनेवाल तक कॉरिडोर सेक्शन पर दौड़ रही मालगाड़ी।
– फोटो : संवाद
विस्तार
यात्री ट्रेनों के संचालन में मालगाड़ियां बाधा नहीं बनेंगी। सभी मालगाड़ियां (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन इंडिया लिमिटेड) डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर शिफ्ट होंगी।
प्राथमिक चरण में यह कार्य अंबाला रेल मंडल के अधीन सहारनपुर से आवागमन करने वाली मालगाड़ियों पर होगा।
इसके बाद अंबाला-दिल्ली सेक्शन पर चलने वाली मालगाड़ियों को शिफ्ट किया जाएगा, हालांकि इसमें अभी कुछ समय लगेगा। डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर पर लगातार दौड़ रही मालगाड़ियों के संचालन को लेकर रेलवे ने यह योजना तैयार की है, जिससे कि यात्री ट्रेनों के संचालन में बाधा बन रही मालगाड़ियो को पूर्ण तौर पर कॉरिडोर पर शिफ्ट किया जा सके और इससे यात्री ट्रेनों को रफ्तार और नई ट्रेनों के संचालन की रूपरेखा तैयार की जा सके।
इस योजना के तहत उन मालगाड़ियों की सूची तैयार की जा रही है जोकि मौजूदा समय में सहारनपुर की तरफ से अंबाला कैंट स्टेशन पर आवागमन कर रही हैं ताकि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें कॉरिडोर पर संचालित किया जा सके।
35 का संचालन, 85 तक पहुंचने की उम्मीद
मौजूदा समय में उत्तरप्रदेश के खुर्जा से पंजाब के साहनेवाल तक लगभग 404 किमी के डीएफसीसीआईएल सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन हो रा है जोकि 70 से 80 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही हैं। मौजूदा समय में अंबाला मंडल से गुजरने वाले लगभग 35 मालगाड़ियों का संचालन सहारनपुर से साहनेवाल तक कॉरिडोर के सेक्शन पर हो रहा है। आगामी योजना के तहत 50 मालगाड़ियों को इस कॉरिडोर पर योजनाबद्ध तरीके से शिफ्ट किया जाएगा। इससे 24 घंटे में 85 के करीब मालगाड़ियां कॉरिडोर पर दौड़ने लगेंगी।
पावर हाउस निभाएंगे अहम भूमिका
रेलवे द्वारा तैयार किया गया डेडिकेटेड फ्रेट काॅरिडोर आधुनिक उपकरणों से लैस स्वचलित रेल सेक्शन है। इसकी बिजली सप्लाई देश के प्रमुख ग्रिडों से आ रही है। इन ग्रिडों से आने वाली बिजली की सप्लाई को पहले पावर हाउस तक पहुंचाया जाता है जोकि मालगाड़ियों को गति प्रदान करती हैं। यह कार्य ओवर हेड वायर (ओएचई) द्वारा किया जाता है। इसके लिए शंभू में पावर हाउस का निर्माण किया गया है। इसी प्रकार दूसरा पावर हाउस टपरी में बनाया जाएगा। इसका कार्य भी तेजी से चल रहा है। इन पावर हाउस की मदद से मालगाड़ियों के इंजनों को बैकअप मिलेगी जोकि मालगाड़ी की गति बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। इससे मालगाड़ियों का संचालन भी बाधित नहीं होगा। इस योजना के तहत पहले यमुनागनर के पास कॉरिडोर के साथ ट्रैक्शन सब स्टेशन का निर्माण किया गया था जोकि मालगाड़ियों के संचालन में अहम कड़ी साबित हो रहा है।
5500 करोड़ रुपये खर्च
अंबाला मंडल के अधीन डीएफसीसीआईएल कॉरिडोर का निर्माण साहनेवाल से सहारनपुर के पिलखनी तक किया गया है। इस पर 5500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। लगभग 170 किमी सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन 24 घंटे किया जा रहा है। रेल सेक्शन की निगरानी के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सेक्शन पर रात के समय रेल इंजनों में औचक निरीक्षण भी किए जा रहे हैं।
रेलवे की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की महत्वाकांक्षी योजना काफी कारगर साबित हो रही है। इससे यात्री ट्रेनों की गति और नई के संचालन की उम्मीद बढ़ी है। आने वाले समय में सहारनपुर की तरफ से आवागमन करने वाली सभी मालगाड़ियों को कॉरिडोर पर चलाया जाएगा। इसके लिए पावर हाउस तैयार किए जा रहे हैं जो आने वाले समय में इस पूरे कॉरिडोर की एक अहम कड़ी होंगे। -पंकज गुप्ता, महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल, अंबाला।
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