Rajasthan:‘विशेष निर्देश के तहत तीन घंटे तक पढ़ा गया नीरस बजट’, विधानसभा में बोले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली – Fierce Debate On State Budget In Rajasthan Assembly, Leader Of Opposition Tikaram Jully Raises Questions
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य बजट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस बजट में झूठ के अलावा कुछ नहीं था। उनके अनुसार तीन घंटे तक जिस प्रकार बजट भाषण पढ़ा गया, वह विशेष निर्देश के तहत था ताकि प्रदेश में यह संदेश जाए कि बजट आया है। उन्होंने यह भी कहा कि बजट भाषण के दौरान चार-पांच मंत्री अपनी नींद पूरी करते दिखाई दिए और प्रदेश की जनता ने ऐसा नीरस बजट पहले कभी नहीं देखा।
बजट थैले और प्रस्तुति पर की टिप्पणी
जूली ने कहा कि इस बार बजट का थैला भी भगवा कर दिया गया। उन्होंने शेर पढ़ते हुए कहा कि “जरा सा कुदरत ने क्या नवाजा, कि आ बैठे हो पहली सफ में… अभी तो शोहरत नई-नई है, तुम्हारा ये लहजा बता रहा है कि तुम्हारी दौलत नई-नई है।” उन्होंने यह भी कहा कि “तुम सिफारिश से जहां पहुंचे हो, वहां हम चलकर आए हैं।” उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री ने सुबह 9:30 बजे ही बजट का थैला वित्त मंत्री को दे दिया था।
महिला आरक्षण और घोषणाओं पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बजट के दौरान बेटा-बेटी की बात की गई, लेकिन शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की घोषणा पर अमल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि बजट के बाद मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने कोई नहीं गया, जो बजट की नीरसता को दर्शाता है। उन्होंने बिहार और महाराष्ट्र में महिलाओं के खातों में राशि जमा करने की घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां भी डबल इंजन की सरकार है, तो ऐसी घोषणाएं कब लागू होंगी।
योजनाओं और रोजगार पर टिप्पणी
जूली ने कहा कि बिना पैसा दिए लोगों को लखपति बनाने की बात की जा रही है, जिससे पूरे देश की गरीबी खत्म करने जैसा दावा किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चियों की उड़ान योजना बंद कर दी गई। साथ ही कहा कि पूरे बजट में एक भी नौकरी का जिक्र नहीं है।
कविता के जरिए प्रदेश की स्थिति पर प्रहार
राजस्थान के हालात पर उन्होंने एक कविता भी सुनाई, जिसमें बजट से आमजन की कमर टूटने, पेट्रोल-डीजल सस्ता न होने, संकल्प पत्र के सपनों और सत्ता में अंदरूनी खींचतान जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि “ये सत्ता नहीं, तमाशा है।”
जूली ने सदन में सुनाई कविता
आओ जनता तुम्हें दिखाएं बदहाली राजस्थान की
इस बजट ने कमर तोड़ दी हर एक इंसान की
न पेट्रोल सस्ता हुआ न डीजल के दाम घटे
संकल्प पत्र के पन्नों में सपनों का अंबार था
सीएम-डिप्टी सीएम की खींचतान में कुर्सी ही भगवान बनी
अंदर तलवारें खिंची हुई, बाहर प्रेम दिखाया जाता है
ये सत्ता नहीं, तमाशा है
आर्थिक आंकड़ों पर उठाए प्रश्न
जूली ने कहा कि पिछले बजट में वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि इस बार 4.3 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य बताया गया है। उन्होंने डॉलर के मूल्य में बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि आंकड़ों के जरिए गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में बजट में जीडीपी का अनुमान 17 लाख 81 हजार 78 करोड़ रुपये था, जो संशोधित अनुमान में 17 लाख 4 हजार 339 करोड़ रुपये रह गया। इसी तरह 2025-26 में जीडीपी में 6 प्रतिशत की गिरावट आई। इस बार 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया गया है। उनके अनुसार पिछले दो बजट में सरकार करीब 2 लाख करोड़ रुपये पीछे रही है और दो वर्षों में बजट घोषणाओं का केवल 25 प्रतिशत ही पूरा हुआ है, जबकि शेष प्रक्रिया में है।
राजकोषीय घाटे और खर्च पर चिंता
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजकोषीय घाटा 4.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कागजों पर घाटा कम दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में बढ़ रहा है और खर्च में कटौती स्पष्ट दिखाई दे रही है।


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