
मूंग में मिट्टी डालने का वीडियो वायरल
– फोटो : अमर उजाला
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ज्ञातव्य है कि हैं कि बीते वर्ष 2023-24 में प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत भारत सरकार द्वारा की गई मूंग खरीदी के दौरान जिले में हजारों क्विंटल मूंग शासन के नियमों को दरकिनार करते हुए खरीदा गया था। इस मामले में जिला उपार्जन समिति द्वारा 32 गोदामों को ब्लैक लिस्टेट करते हुए इस बार खरीदी में पूरी सर्तकता बरती गई।
खरीदी को बंद हुए लंबा समय बीत चुका हैं। मूंग की उपज में रखे-रखे सूखत बैठ जाती हैं, जिसका नुकसान वेयर हाऊस संचालकों को होता हैं। ऐसी स्थिति में इस घटती को पूरा करने के लिए वेयर हाउस संचालक बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर शासन को करोड़ों रुपए का नुकसान पहुंचाते हैं।
कुछ ऐसे ही एक मामला का वीडियो बीते दिवस क्षेत्र के गांव लाडक़ुई के मालवीय वेयर हाउस का सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वेयर हाउस के अंदर हम्मालों द्वारा भंडारित स्कंध को खोलकर उसमें मिट्टी का पाला करते देखे जा सकते हैं। तेजी के साथ वायरल हुए इस वीडियो की जानकारी जब कलेक्टर प्रवीण कुमार सिंह को दी गई तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से इस मामले में जांच के निर्देश दिये। जिस पर बुधवार को एसडीएम मदन सिंह रघुवंशी अपने अमले के साथ लाडक़ुर्ई के मालवीय वेयर हाउस पहुंचे। जहां भंडारित स्कंध का सेंपल लेने पर स्कंध में मिट्टी पाई गई। इस मामले में एसडीएम द्वारा जांच जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। अब देखना यह होगा कि पूर्व में ब्लैक लिस्टेट 32 वेयर हाउसों के बाद क्या मालवीय वेयर हाउस पर गाज गिरती हैं या मामले को रफा-दफा कर दिया जायेगा।
वेयर हाउस में भंडारित हैं 10 हजार क्विंटल मूंग
वेयर हाउस एंड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन के स्थानीय शाखा प्रबंधक मंगल सिंह राजपूत का कहना हैं कि वीडियो मेरे समक्ष भी आया हैं, लेकिन यह वीडियो कब का हैं यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मालवीय वेयर हाऊस में 10 हजार क्विंटल से अधिक मूंग भंडारित हैं।
मूंग में मिट्टी कब मिलाई गई हैं, इसकी जानकारी मुझे भी नहीं हैं। वेयर हाउस में भंडारित स्कंध का वजन बढ़ाने किया जाता हैं इस प्रकार का उपयोग वेयर हाउस में नमीयुुक्त मूंग भंडारित होता हैं। सबसे ज्यादा वजन मूंग का रखे-रखे कम हो जाता हैं, जिसका खामियाजा वेयर हाउस संचालकों को होता हैं। खरीदी बंद होने के बाद कोई भी अधिकारी वेयर हाउसों में नहीं पहुंचता हैं, जिसका सीधा फायदा वेयर हाउस मालिक उठाते हैं।
वायरल वीडियो में जिस तरह से हम्माल मिट्टी की कट्टियां खोलकर उसे एफएक्यू मूंग में मिला रहे हैं, इससे दो बाते सामने आती हैं या तो मूंग का वजन बढ़ाने के लिए यह कृत्य किया गया हो या फिर भंडारित साफ-सुथरा मूूंग कहीं अन्य जगह खपाते हुए नान एफएक्यू मूंग भंडारित करने का षडयंत्र रचा गया हो। इस संबंध में कलेक्टर प्रवीण सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी लगते ही मैंने संबंधित एसडीएम को जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दोषी के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
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