Youth Suspected Robbery Case In Samastipur Beaten Up In Police Station Incharge Simpi Kumari Line Attached – Amar Ujala Hindi News Live

सरायरंजन थाना अध्यक्ष सिंपी कुमारी।
– फोटो : अमर उजाला
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समस्तीपुर में महिला से लूट मामले में एक संदेही को गिरफ्तार किया गया और फिर थाने में मारपीट करने के बाद छोड़ दिया गया। इस मामले में शिकायत के बाद एसपी विनय तिवारी ने सरायरंजन थाना अध्यक्ष सिंपी कुमारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। सिंपी कुमारी को 20 दिन पहले ही सरायरंजन थाने का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। संदेही युवक के साथ की गई मारपीट के उसके शरीर पर निशान थे, थाने से छूटने के बाद युवक चोटों के निशान की तस्वीर को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। साथ ही युवक के परिवार ने एसपी से भी शिकायत की थी, मामले में जांच के बाद थाना अध्यक्ष सिंपी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, बीते सोमवार को सरायरंजन थाना क्षेत्र में मायके मनिकपुर से महनार लौट रही बाइक सवार रंजन सिंह की पत्नी अंजू देवी के साथ लूटपाट की घटना घटी थी। बदमाशों ने महिला से करीब डेढ़ लाख रुपये के जेवरात छीन लिए थे। पीड़ित की ओर से मामले में सरायरंजन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। मामले में पुलिस ने शक के आधार पर सरायरंजन थाना क्षेत्र के वरुणा रसलपुर गांव के राकेश शर्मा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद युवक को थाने में लाकर बेरहमी से पीटा गया। लेकिन, लूट की घटना में उसकी संलिप्तता सामने नहीं आने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। युवक के घर पहुंचने के बाद परिजनों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया और मामले की शिकायत एसपी से करने के लिए पहुंचे। लेकिन, एसपी के पटना हाई कोर्ट में होने के कारण परिवार वालों ने मुख्यालय डीएसपी के पास शिकायत दर्ज कराई। बाद में जब एसपी पहुंचे तो उन्होंने मामले की जांच एएसपी संजय पांडे को सौंपी थी।
जांच के बाद एएसपी संजय पांडे ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि युवक की लूट की घटना में कोई संलिप्तता उजागर नहीं हुई। उसका मोबाइल टावर लोकेशन भी अलग था और मानवीय जानकारी में भी वह दोषी नहीं पाया गया। बावजूद इसके थाने लाकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। इस रिपोर्ट के आधार पर एसपी विनय तिवारी ने थाना अध्यक्ष सिंपी कुमारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
20 दिन पहले बनी थी थाना अध्यक्ष
सिंपी कुमारी को 20 दिन पहले ही एसपी विनय तिवारी ने थाना अध्यक्ष बनाया था। तत्कालीन थाना अध्यक्ष रविकांत पर निजी डाटा ऑपरेटर से थाने में कार्य कराने का आरोप था, जिसके कारण एएसपी संजय पांडे की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। साथ ही सिंपी कुमारी को थाना अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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