भदोही: पूर्व विधायक विजय मिश्रा को कोर्ट से राहत, आबकारी और जालसाजी के मामले में दोषमुक्त
भदोही: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से पूर्व विधायक विजय मिश्रा को अदालत से राहत मिली है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने आबकारी अधिनियम, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले में उन्हें संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है। हालांकि, इस फैसले से उन्हें जेल से रिहाई नहीं मिली है। वह अन्य आपराधिक मामलों में सजा काट रहे हैं और फिलहाल आगरा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए किया दोषमुक्त
पूर्व विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ औराई कोतवाली में दर्ज एक पुराने मामले में अदालत ने फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामले में आबकारी अधिनियम के उल्लंघन, जालसाजी और अन्य आरोपों की सुनवाई हुई। अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने और स्वतंत्र गवाहों की कमी के कारण विजय मिश्रा को संदेह का लाभ दिया गया।
अदालत के इस फैसले के बाद उन्हें संबंधित मामले में दोषमुक्त कर दिया गया। हालांकि, यह राहत केवल इसी मुकदमे से संबंधित है। उनके खिलाफ चल रहे अन्य मामलों पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ेगा।
शराब बरामदगी से जुड़ा था मामला
शासकीय अधिवक्ता प्रवेश तिवारी के मुताबिक, अप्रैल 2020 में भदोही जिले के औराई कोतवाली क्षेत्र में शराब का जखीरा पकड़ा गया था। इस मामले में विजय मिश्रा समेत चार लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और जालसाजी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान स्वतंत्र गवाहों की कमी के चलते आरोपों को पर्याप्त रूप से साबित नहीं किया जा सका। इसी आधार पर अदालत ने विजय मिश्रा को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
चार बार विधायक रह चुके हैं विजय मिश्रा
विजय मिश्रा भदोही जिले की ज्ञानपुर विधानसभा सीट से चार बार विधायक निर्वाचित हुए थे। उन्होंने लगातार तीन बार समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता, जबकि चौथी बार निषाद पार्टी के टिकट पर विधायक बने।
प्रदेश की राजनीति में उनकी पहचान एक प्रभावशाली और विवादित नेता के रूप में रही है। उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज होने के कारण वह लंबे समय से कानूनी विवादों में भी चर्चा में रहे हैं।
अन्य मामलों में मिल चुकी है सजा
विजय मिश्रा के खिलाफ 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें गायिका से दुष्कर्म और रिश्तेदार की संपत्ति पर कथित रूप से कब्जा करने जैसे मामले भी शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें करीब पांच मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है।
इसी वजह से आबकारी और जालसाजी के मामले में दोषमुक्त होने के बावजूद उनकी जेल से रिहाई नहीं हुई है। वह फिलहाल आगरा केंद्रीय कारागार में बंद हैं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्तियों पर भी कार्रवाई
विजय मिश्रा और उनके परिवार की संपत्तियों के खिलाफ भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार, परिवार की करीब सवा दो अरब रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई थीं।
भदोही की एमपी-एमएलए कोर्ट के ताजा फैसले से विजय मिश्रा को एक मामले में राहत जरूर मिली है, लेकिन उनके खिलाफ अन्य मामलों की कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे में उनकी जेल में स्थिति और दूसरे मुकदमों का परिणाम अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

