मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड: दो युवा IPS अधिकारियों ने सुलझाई सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री, मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड
मेरठ का चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड देशभर में सुर्खियों में रहा। एक पति की हत्या, शव के टुकड़े करना और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा देना—इस खौफनाक वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस के दो युवा आईपीएस अधिकारी आयुष विक्रम सिंह और अंतरिक्ष जैन की भूमिका भी चर्चा में रही। दोनों अधिकारियों ने जांच के अलग-अलग पहलुओं पर काम करते हुए मामले की कड़ियों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
2025 में सामने आया था सनसनीखेज मामला
सौरभ राजपूत मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में रहते थे। वह विदेश में काम करते थे और 24 फरवरी 2025 को मेरठ लौटे थे। पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च 2025 को उनकी हत्या कर दी गई। इस वारदात में उनकी पत्नी मुस्कान और उसके साथी साहिल का नाम सामने आया।
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। इस तरीके के कारण यह मामला देशभर में चर्चित हो गया और इसे ब्लू ड्रम हत्याकांड के नाम से जाना जाने लगा।
आयुष विक्रम सिंह कौन हैं?
आयुष विक्रम सिंह उत्तर प्रदेश कैडर के 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 29 अक्टूबर 1992 को हुआ था और वह मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले हैं। कम उम्र में पुलिस सेवा में आने वाले आयुष विक्रम सिंह ने इस मामले की जांच के दौरान अपनी जिम्मेदारी निभाई।
इस हत्याकांड में पुलिस के सामने घटनाक्रम को स्पष्ट करना, आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाना और जांच को कानूनी रूप से मजबूत बनाना महत्वपूर्ण था। मामले की गंभीरता के चलते पुलिस की जांच और अधिकारियों की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई।

