Delhi CM Rekha Gupta News: प्रदूषण पर बड़ा प्लान, 100% EV और AI से होगी मॉनिटरिंग
Delhi CM Rekha Gupta News: प्रदूषण पर बड़ा प्लान, 100% EV पर जोर और AI से होगी मॉनिटरिंग
Delhi CM Rekha Gupta News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार के विंटर एक्शन प्लान की जानकारी दी है। सरकार ने निर्माण गतिविधियों पर सख्ती, AI आधारित निगरानी, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों पर कार्रवाई की रणनीति तैयार की है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, दिल्ली में प्रदूषण को केवल आपातकालीन उपायों से नहीं, बल्कि उसके स्रोतों पर कार्रवाई करके नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। सरकार का फोकस निर्माण और सड़क की धूल, वाहनों से होने वाला प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन और खुले में कचरा जलाने जैसी गतिविधियों पर है।
10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण पर रोक
दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण के चरम दौर को देखते हुए 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 तक राजधानी में निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस अवधि में निर्माण कार्य पूरी तरह बंद रहेगा।
सरकार का मानना है कि निर्माण और उससे निकलने वाली धूल दिल्ली की हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल है। इसलिए इस बार प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने की तैयारी की गई है।
AI कैमरों से होगी निर्माण स्थलों की निगरानी
निर्माण कार्यों पर रोक के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन रोकने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 500 वर्ग मीटर से बड़े निर्माण स्थलों की निगरानी दिल्ली सरकार के Dust Portal और AI-enabled कैमरों के जरिए की जाएगी।
Dust Portal 2.0 में GIS मैपिंग, लाइव 360-डिग्री PTZ कैमरे, PM10 और PM2.5 सेंसर तथा AI आधारित एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। सिस्टम प्रदूषण के स्तर के आधार पर अलर्ट जारी कर सकता है और अधिकारियों को कार्रवाई में मदद करता है।
उल्लंघन मिलने पर संबंधित एजेंसियां नोटिस, चेतावनी और जुर्माने जैसी कार्रवाई कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से भी निर्माण प्रतिबंध का उल्लंघन दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना देने की अपील की है।
पिछले साल की कमियों से लिया सबक
रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछले साल GRAP के तहत प्रतिबंधों के बावजूद कुछ जगहों पर निर्माण गतिविधियां जारी रहने की शिकायतें सामने आई थीं। इस बार सरकार रियल-टाइम निगरानी के जरिए ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी कर रही है।
AI कैमरों और Dust Portal से मिलने वाले डेटा और फुटेज को कंट्रोल एंड कमांड सेंटर तक भेजा जाएगा, जिससे नियमों का उल्लंघन होने पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर
दिल्ली सरकार प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा दे रही है। दिल्ली EV Policy 2026 के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को प्रोत्साहन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने जैसे कदम शामिल हैं।
सरकार की नीति में अगले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर EV चार्जिंग पॉइंट लगाने और सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने की योजना भी शामिल है।
औद्योगिक प्रदूषण पर भी सख्ती
सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ भी निरीक्षण और कार्रवाई तेज की है। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 2,011 औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया गया। सरकार के अनुसार इनमें से 106 इकाइयां निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं और 78 के पास वैध Consent to Operate नहीं था।
इन मामलों में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और क्लोजर ऑर्डर जैसी कार्रवाई भी की गई है। सरकार का कहना है कि प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
सड़क की धूल और अन्य प्रदूषण स्रोतों पर भी फोकस
दिल्ली सरकार की प्रदूषण नियंत्रण रणनीति में सड़क की धूल, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण एवं डिमोलिशन वेस्ट, कचरा जलाने और औद्योगिक प्रदूषण को शामिल किया गया है। सरकार ने सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मैकेनिकल रोड स्वीपर, वॉटर स्प्रिंकलर और एंटी-स्मॉग सिस्टम जैसे उपायों पर भी जोर दिया है

