Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu News: राष्ट्रगान विवाद पर सुक्खू का BJP पर हमला, विधानसभा में हंगामा
Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीजेपी विधायकों पर राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विधानसभा की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की है।
कैसे शुरू हुआ राष्ट्रगान विवाद?
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार को शुरू हुआ। सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद बीजेपी विधायक विपिन सिंह परमार ने ‘वंदे मातरम्’ के गायन की मांग उठाई और इस मुद्दे पर चर्चा की अनुमति मांगी।
स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने विधानसभा की परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान से होती है, जबकि राष्ट्रगीत को सदन के समापन पर गाने की परंपरा रही है। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस शुरू हो गई।
देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि सदन में हंगामा होने लगा और मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा की कार्यवाही करीब 11 मिनट में ही स्थगित करनी पड़ी।
CM सुक्खू ने BJP पर लगाए आरोप
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीजेपी विधायकों पर राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से सदन में ऐसा व्यवहार किया गया, जो उनके मुताबिक राष्ट्रगान के प्रति अनादर है।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे को उठाकर पेपर लीक, कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के सम्मान से जुड़े प्रतीक हैं। उन्होंने विपक्ष से ऐसे मुद्दों पर राजनीति नहीं करने की अपील की।
जयराम ठाकुर ने आरोपों को किया खारिज
बीजेपी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री के आरोपों को पूरी तरह गलत बताया।
जयराम ठाकुर के मुताबिक, बीजेपी विधायकों ने राष्ट्रगान के दौरान सम्मानपूर्वक खड़े होकर राष्ट्रगान का सम्मान किया था। उनका कहना है कि राष्ट्रगान समाप्त होने के बाद ही विपक्ष की ओर से ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सवाल उठाया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपने आरोपों को साबित करने की मांग की और कहा कि विधानसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि जनता खुद पूरे घटनाक्रम को देख सके।
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से कथित गलत आरोपों के लिए माफी मांगने की मांग भी की।
दूसरे दिन भी विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
विवाद दूसरे दिन भी शांत नहीं हुआ। शनिवार को कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने विधानसभा की परंपराओं का उल्लंघन किया और राष्ट्रगान को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया।
दूसरी ओर, जयराम ठाकुर के नेतृत्व में बीजेपी विधायकों ने भी प्रदर्शन किया। बीजेपी ने कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
सदन की कार्यवाही भी हुई प्रभावित
राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर जारी विवाद का असर विधानसभा के कामकाज पर भी पड़ा। शनिवार को हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
रिपोर्टों के अनुसार, स्पीकर को सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी और आगे की कार्यवाही सोमवार तक के लिए टाल दी गई।
इस घटनाक्रम के बाद मानसून सत्र के शुरुआती दो दिनों में ही हिमाचल की सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव खुलकर सामने आ गया।
कांग्रेस ने BJP पर लगाया मुद्दे से भटकाने का आरोप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विधानसभा में जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है। ऐसे में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर विवाद खड़ा करके विपक्ष सदन की कार्यवाही को प्रभावित कर रहा है।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने भी विधानसभा की परंपराओं और नियमों का हवाला देते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए।
कांग्रेस का कहना है कि राज्य में सरकारी कार्यक्रमों और दूसरे अवसरों पर ‘वंदे मातरम्’ का सम्मान किया जाता रहा है।
बीजेपी का कांग्रेस पर पलटवार
बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का पूरा सम्मान करती है।
बीजेपी विधायक विपिन सिंह परमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विपक्ष की मांग को गंभीरता से नहीं लिया। बीजेपी का कहना है कि इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक विवाद बनाया जा रहा है।
बीजेपी ने एक बार फिर विधानसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सदन के भीतर वास्तविक घटनाक्रम क्या था।
हिमाचल की राजनीति में बढ़ा टकराव
राष्ट्रगान विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री सुक्खू का कहना है कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए और सदन की कार्यवाही को बाधित नहीं करना चाहिए।
वहीं बीजेपी का आरोप है कि सरकार विपक्ष के सवालों से बचने के लिए राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ विवाद को बड़ा मुद्दा बना रही है।
अब आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर विधानसभा की अगली कार्यवाही पर है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या विधानसभा की वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक होगी और स्पीकर इस विवाद पर क्या फैसला लेते हैं।
यदि कांग्रेस और बीजेपी अपने-अपने रुख पर कायम रहते हैं, तो मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी हंगामा जारी रहने की संभावना है। इससे विधानसभा के महत्वपूर्ण विधायी और जनहित से जुड़े कामकाज पर भी असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
Himachal CM Sukhvinder Singh Sukhu News में राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ विवाद फिलहाल हिमाचल प्रदेश की राजनीति का प्रमुख मुद्दा बन गया है। CM सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीजेपी विधायकों पर राष्ट्रगान के सम्मान को लेकर आरोप लगाए हैं, जबकि जयराम ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करने की मांग की है।
हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। विधानसभा की आधिकारिक रिकॉर्डिंग, स्पीकर का निर्णय और आगे की कार्यवाही से पूरे विवाद की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक

