यशस्वी जायसवाल पर लगेगा बैन? असिथा फर्नांडो से भिड़ंत के बाद ICC एक्शन का खतरा
कोलंबो: भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन मैदान पर उस वक्त माहौल गरमा गया, जब भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल और श्रीलंका के तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच तीखी बहस हो गई। असिथा ने यशस्वी को आउट करने के बाद आक्रामक अंदाज में सेंड ऑफ दिया, जिसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच शब्दों का आदान-प्रदान हुआ। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और उनके बीच बॉडी कॉन्टैक्ट भी हुआ।
अब इस घटना पर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की नजर है। मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और घटना के वीडियो के आधार पर यह तय किया जा सकता है कि इसे केवल मैदान पर हुई गर्मागर्मी माना जाए या जानबूझकर किया गया शारीरिक टकराव। अगर मामला गंभीर श्रेणी में जाता है तो दोनों खिलाड़ियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
17वें ओवर में हुआ पूरा विवाद
यह घटना भारत की पहली पारी के 17वें ओवर में हुई। असिथा फर्नांडो के ओवर में यशस्वी जायसवाल ने शुरुआती गेंदों पर शानदार बल्लेबाजी करते हुए तीन चौके लगाए। लेकिन ओवर की आखिरी गेंद पर श्रीलंकाई गेंदबाज ने वापसी करते हुए यशस्वी को बोल्ड कर दिया।
अंदर आती गेंद यशस्वी के बल्ले का किनारा लेकर स्टंप्स से जा टकराई और उनकी पारी खत्म हो गई। विकेट लेने के बाद असिथा ने आक्रामक अंदाज में जश्न मनाते हुए यशस्वी को सेंड ऑफ दिया। यह भारतीय बल्लेबाज को पसंद नहीं आया और दोनों के बीच बहस शुरू हो गई।
पवेलियन लौटने के बजाय असिथा की तरफ बढ़े यशस्वी
विवाद उस समय और बढ़ गया जब यशस्वी पवेलियन लौटने के बजाय असिथा फर्नांडो की ओर बढ़ गए। भारतीय बल्लेबाज को साथी खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल ने वहां से जाने के लिए समझाने की कोशिश की।
इसी दौरान श्रीलंका के अन्य खिलाड़ी भी दोनों के आसपास पहुंच गए। यशस्वी और असिथा आमने-सामने खड़े थे और दोनों के सिर आपस में टकराते हुए दिखाई दिए। यही शारीरिक संपर्क अब संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई का सबसे अहम पहलू बन गया है।
क्या यशस्वी पर लग सकता है बैन?
ICC के कोड ऑफ कंडक्ट में मैदान पर खिलाड़ियों के बीच शारीरिक हमले और हिंसक व्यवहार को लेकर सख्त प्रावधान हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आर्टिकल 2.18 किसी खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, अंपायर, मैच रेफरी या अन्य व्यक्ति पर शारीरिक हमला करने से संबंधित है, जबकि आर्टिकल 2.19 मैदान पर हिंसक व्यवहार से जुड़ा है।
हालांकि, यशस्वी पर बैन लगेगा या नहीं, यह मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध वीडियो के आकलन के बाद ही स्पष्ट होगा। सबसे पहले यह देखा जाएगा कि दोनों खिलाड़ियों के बीच हुआ बॉडी कॉन्टैक्ट जानबूझकर था या बेहद करीब आने के दौरान अनजाने में हुआ।
4 डिमेरिट पॉइंट मिलने पर हो सकता है बैन
यशस्वी जायसवाल के पिछले 24 महीनों के रिकॉर्ड को भी ध्यान में रखा जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में उनके खाते में कोई डिमेरिट पॉइंट नहीं है।
अगर उन्हें कम से कम 4 डिमेरिट पॉइंट मिलते हैं तो यह एक सस्पेंशन पॉइंट में बदल सकता है। ऐसी स्थिति में उन्हें एक टेस्ट या दो वनडे/टी20 इंटरनेशनल मैचों का प्रतिबंध झेलना पड़ सकता है। ICC मैदान पर होने वाली घटनाओं को लेवल-1 से लेवल-4 तक की गंभीरता के आधार पर देखती है।
लेवल-1 में आम तौर पर 1 या 2 डिमेरिट पॉइंट और लेवल-2 में 3 या 4 डिमेरिट पॉइंट दिए जा सकते हैं। ज्यादा गंभीर लेवल-3 और लेवल-4 मामलों में सीधे सस्पेंशन जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
लेवल-4 सबसे गंभीर श्रेणी
ICC के कोड ऑफ कंडक्ट में लेवल-4 सबसे गंभीर उल्लंघन की श्रेणी मानी जाती है। इसके तहत सजा पांच टेस्ट या 10 वनडे मैचों के प्रतिबंध से लेकर आजीवन प्रतिबंध तक जा सकती है।
हालांकि, मौजूदा घटना में यशस्वी पर एक टेस्ट का बैन तभी संभव होगा, जब ICC मामले को कम से कम लेवल-2 की श्रेणी में रखे और संबंधित नियमों के तहत आवश्यक डिमेरिट पॉइंट या सस्पेंशन लागू हो।
2022 में भी विवाद में फंसे थे यशस्वी
यशस्वी जायसवाल के करियर में यह पहली बार नहीं है, जब मैदान पर उनके व्यवहार को लेकर विवाद हुआ हो। 2022 दलीप ट्रॉफी फाइनल में वेस्ट जोन की ओर से खेलते हुए उनकी साउथ जोन के खिलाड़ी टी रवि तेजा के साथ कई बार नोकझोंक हुई थी।
अंपायरों की चेतावनी के बावजूद विवाद जारी रहने पर वेस्ट जोन के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने खुद यशस्वी को मैदान से बाहर भेज दिया था। बाद में रहाणे ने बताया था कि मैच रेफरी यशस्वी पर चार मैचों का प्रतिबंध लगाने की तैयारी में थे, लेकिन कप्तान की ओर से तत्काल कार्रवाई किए जाने के बाद वह सजा से बच गए थे।
अब मैच रेफरी की रिपोर्ट पर नजर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि कोलंबो टेस्ट में हुई इस घटना को मैच अधिकारी किस स्तर का उल्लंघन मानते हैं। अगर इसे केवल मौखिक बहस और मैदान पर हुई गर्मागर्मी माना जाता है तो कार्रवाई सीमित रह सकती है। लेकिन अगर शारीरिक संपर्क को जानबूझकर किया गया माना जाता है, तो ICC के नियमों के तहत यशस्वी और असिथा दोनों मुश्किल में पड़ सकते हैं।
इस मामले में मैच अधिकारियों की रिपोर्ट और उपलब्ध वीडियो फुटेज अहम भूमिका निभाएंगे। फिलहाल यशस्वी जायसवाल पर बैन की पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए अंतिम फैसला ICC या संबंधित मैच अधिकारियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक

