जसोला के खुले नाले में गिरा 15 साल का बच्चा, CM रेखा गुप्ता ने JE को किया सस्पेंड
नई दिल्ली, 24 अगस्त 2026: दिल्ली के जसोला गांव से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 15 वर्षीय छात्र मिथुन 22 अगस्त की सुबह खुले नाले में गिर गया था। हादसे के तीन दिन बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मामले में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद नगर निगम के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) अनुज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
पतंग उतारने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, मिथुन आठवीं कक्षा में पढ़ता है। 22 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे वह स्कूल जाने के लिए तैयार था। इसी दौरान वह कथित तौर पर पतंग उतारने की कोशिश कर रहा था और अचानक खुले नाले में गिरकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं और तलाश अभियान शुरू किया गया।
परिवार के मुताबिक, हादसे के बाद से लगातार बच्चे की तलाश की जा रही है। लेकिन कई घंटे तक चले अभियान के बावजूद शनिवार को मिथुन का पता नहीं चल सका। इसके बाद रविवार और सोमवार को भी बचाव दलों ने अलग-अलग स्थानों पर तलाश जारी रखी।
CM रेखा गुप्ता ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले पर नाराजगी और दुख जताया। उन्होंने मुख्य सचिव को नाले के अधिकार क्षेत्र की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद MCD के साउथ ईस्ट (सेंट्रल) जोन के जूनियर इंजीनियर अनुज कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। उनके खिलाफ ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें बिना अनुमति स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
फायर सर्विस और NDRF की टीमें तलाश में जुटीं
मिथुन की तलाश के लिए कई एजेंसियों को लगाया गया है। अभियान में दिल्ली फायर सर्विस और NDRF समेत बचाव दल शामिल हैं। गोताखोरों की मदद से भी नाले में बच्चे की तलाश की गई। शनिवार को देर रात अभियान रोक दिया गया था, जिसे बाद में दोबारा शुरू किया गया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना की सूचना मिलने के बाद दो फायर टेंडर मौके पर भेजे गए थे। इसके बाद ईस्ट दिल्ली जिला प्रशासन, बोट क्लब टीम और NDRF के जवानों ने भी तलाश अभियान में हिस्सा लिया।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे के बाद मिथुन के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चे की मां ने अपने बेटे को जल्द खोजने की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद रेस्क्यू टीम को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा। परिजनों ने बचाव अभियान के तरीके को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
मिथुन का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और दिल्ली में मजदूरी करता है। हादसे के बाद परिवार लगातार घटनास्थल पर मौजूद रहकर बच्चे के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।
खुले नालों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
जसोला की इस घटना ने दिल्ली में खुले नालों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश के मौसम में खुले और पानी से भरे नाले लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। ऐसे में नालों को ढकने और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम करने की जरूरत पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल बचाव एजेंसियां मिथुन की तलाश में जुटी हैं। प्रशासन की ओर से घटना की परिस्थितियों और कथित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। बच्चे का पता चलना परिवार और प्रशासन दोनों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

