CM Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर के 714 हाई स्कूल बनेंगे K-12 स्कूल, शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
श्रीनगर, 24 अगस्त 2026: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को श्रीनगर स्थित सिविल सचिवालय में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में 714 हाई स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से K-12 कॉम्पोजिट स्कूलों में अपग्रेड करने के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई।
सरकार का उद्देश्य छात्रों को एक ही स्कूल में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना, उच्च माध्यमिक स्तर पर नामांकन बढ़ाना और खासकर दूरदराज के इलाकों में 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने की समस्या को कम करना है।
714 हाई स्कूलों को किया जाएगा अपग्रेड
बैठक में 714 हाई स्कूलों को K-12 कॉम्पोजिट स्कूलों में बदलने की योजना पर चर्चा हुई। K-12 मॉडल के तहत छात्रों को प्राथमिक स्तर से लेकर कक्षा 12 तक एक ही शिक्षा व्यवस्था में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
सरकार के मुताबिक, इस अपग्रेडेशन के दौरान केवल स्कूल की कक्षाओं को बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों, भवन, प्रयोगशालाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।
कक्षा 11 और 12 की पढ़ाई होगी आसान
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन छात्रों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें 10वीं कक्षा के बाद उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए दूसरे इलाके में जाना पड़ता है। खासकर ग्रामीण, पहाड़ी और भौगोलिक रूप से दूरदराज क्षेत्रों में कक्षा 11 और 12 तक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने पर सरकार का जोर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा का विस्तार जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों को उनके घर के नजदीक बेहतर शैक्षणिक अवसर मिल सकें।
ड्रॉपआउट कम करने पर सरकार का फोकस
जम्मू-कश्मीर सरकार के सामने 10वीं के बाद छात्रों के ड्रॉपआउट को कम करना भी एक अहम चुनौती है। कई क्षेत्रों में हाई स्कूल के बाद छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
714 हाई स्कूलों को K-12 संस्थानों में अपग्रेड करने की योजना का एक प्रमुख उद्देश्य इसी संक्रमण चरण में छात्रों की पढ़ाई जारी रखना है। सरकार को उम्मीद है कि स्थानीय स्तर पर कक्षा 11 और 12 की सुविधा मिलने से ड्रॉपआउट में कमी आएगी।
GER बढ़ाने की भी कोशिश
बैठक में Gross Enrolment Ratio (GER) यानी उच्च माध्यमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात को बेहतर करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा तक ज्यादा से ज्यादा छात्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए केंद्रित और जरूरत आधारित रणनीति अपनाने पर जोर दिया।
सरकार का लक्ष्य स्कूलों के नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ मौजूदा मानव संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना है।
शिक्षकों और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों का होगा आकलन
714 स्कूलों को अपग्रेड करने से पहले प्रत्येक क्षेत्र की जरूरत का आकलन किया जाएगा। इसमें शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की आवश्यकता, स्कूल भवन, प्रयोगशालाएं और दूसरी बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।
सरकार एक planned और requirement-based approach के तहत स्कूलों को अपग्रेड करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इसके लिए मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने और जहां जरूरत हो वहां अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
केंद्र सरकार से भी सहयोग लिया जाएगा
रोडमैप में केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत आवश्यक सहयोग हासिल करने की बात भी शामिल है। इससे स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाओं और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विस्तार की प्रक्रिया केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक स्कूल में छात्रों के लिए जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
सिविल सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू, मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर असलम वानी, मुख्य सचिव अटल डुल्लू और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरज गुप्ता समेत शिक्षा, वित्त, योजना और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं और 714 स्कूलों के अपग्रेडेशन के लिए जरूरी संसाधनों को लेकर मुख्यमंत्री के सामने जानकारी रखी।
दूरदराज इलाकों के छात्रों को मिलेगा फायदा
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण शिक्षा तक पहुंच एक चुनौती रही है। ऐसे क्षेत्रों में हाई स्कूलों को K-12 कॉम्पोजिट स्कूलों में अपग्रेड करने से छात्रों को अपने क्षेत्र में ही उच्च माध्यमिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।
इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त यात्रा और आवास का खर्च कम होने के साथ-साथ छात्राओं की शिक्षा जारी रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में कदम
CM Omar Abdullah की अध्यक्षता में हुई यह समीक्षा बैठक जम्मू-कश्मीर में वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा की पहुंच बढ़ाने की सरकार की कोशिश का हिस्सा है। 714 हाई स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से K-12 कॉम्पोजिट स्कूलों में अपग्रेड करने की योजना लागू होने पर प्रदेश के कई हिस्सों में कक्षा 11 और 12 की शिक्षा का नेटवर्क मजबूत हो सकता है।
फिलहाल सरकार ने योजना के लिए आवश्यक स्टाफ, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रयोगशालाओं और अन्य सुविधाओं का आकलन करने पर जोर दिया है। आगे की प्रक्रिया जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर तय की जाएगी।

