CM Devendra Fadnavis: अमरावती अस्पताल के NICU में आग, 3 नवजातों की मौत के बाद हाईलेवल जांच
अमरावती, 24 अगस्त 2026: महाराष्ट्र के अमरावती में जिला महिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग में तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई। हादसे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना की हाईलेवल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृत बच्चों के परिवारों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने और अन्य प्रभावित बच्चों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने की घोषणा की है।
तड़के करीब 3:15 बजे लगी आग
अधिकारियों के मुताबिक, अमरावती के जिला महिला अस्पताल की NICU में सोमवार सुबह करीब 3:15 बजे आग लगी। इस यूनिट में समय से पहले जन्मे और गंभीर हालत वाले नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था।
अमरावती के पुलिस आयुक्त राकेश ओला के अनुसार, आग NICU के उस हिस्से में लगी जहां बाहर से लाए गए नवजात भर्ती थे। शुरुआती जानकारी में एक वेंटिलेटर में आग लगने की बात सामने आई है। हालांकि, आग की वास्तविक वजह और तकनीकी खराबी की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही होगी।
NICU में भर्ती थे 39 नवजात
हादसे के समय अस्पताल के NICU के तीन सेक्शन में कुल 39 नवजात भर्ती थे। आग प्रभावित हिस्से में नौ बच्चे थे, जिनमें से तीन की मौत हो गई और छह बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बाकी बच्चों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। कुल 36 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। कुछ बच्चों को दूसरे अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है।
छह बच्चों को दूसरे अस्पताल में किया गया शिफ्ट
हादसे के बाद छह नवजातों को इलाज के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। अधिकारियों के अनुसार, कुछ अन्य बच्चों को भी दूसरे चिकित्सा केंद्रों में भेजा गया। सरकार ने निर्देश दिया है कि घायल या प्रभावित बच्चों के इलाज का पूरा खर्च सरकारी स्तर पर उठाया जाए।
तीनों मृत नवजातों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभाग आग लगने की परिस्थितियों की जांच कर रहे हैं।
CM फडणवीस ने दिए हाईलेवल जांच के आदेश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए स्वास्थ्य प्रशासन को हाईलेवल जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को अमरावती जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश भी दिए। जिला प्रशासन को प्रभावित बच्चों के इलाज और परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मृत बच्चों के परिवारों को ₹5 लाख की मदद
CM फडणवीस ने प्रत्येक मृत नवजात के परिवार को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार की ओर से प्रभावित बच्चों के इलाज का खर्च भी उठाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि जांच के बाद हादसे की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अस्पताल की फायर सेफ्टी पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद सरकारी अस्पतालों में फायर सेफ्टी और मेडिकल उपकरणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। विपक्षी नेताओं ने महाराष्ट्र के अस्पतालों में फायर और इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है।
विपक्ष ने 2021 में भंडारा के एक अस्पताल में हुए आग हादसे का भी हवाला दिया, जिसमें 10 नवजातों की मौत हुई थी। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि उस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए दिए गए सुझावों को पूरी तरह लागू नहीं किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
आग की वजह की जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी में वेंटिलेटर में खराबी या उससे जुड़ी घटना को आग की संभावित वजह बताया गया है, लेकिन प्रशासन ने अभी अंतिम कारण घोषित नहीं किया है। आग के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस और संबंधित तकनीकी विभाग जांच कर रहे हैं।
जांच में मेडिकल उपकरणों की स्थिति, बिजली व्यवस्था, फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था समेत कई पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
CM ने सख्त कार्रवाई का दिया भरोसा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि घटना बेहद दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने मृत बच्चों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित बच्चों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और हादसे के कारणों का पता लगाना है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों में नवजात बच्चों जैसे बेहद संवेदनशील मरीजों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
रिपोर्टर; जसलीन कौर, मुख्य प्रबंधक

