Aaryavir Sehwag: पिता वीरेंद्र सहवाग के अंदाज में लगाया बैकफुट पंच, DPL 2026 में मचा रहे धमाल
टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर सहवाग इन दिनों अपनी बल्लेबाजी को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) 2026 में आर्यवीर ने अपनी तकनीक और आक्रामक अंदाज से क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। मैदान पर उनके कुछ शॉट्स देखकर लोगों को उनके पिता वीरेंद्र सहवाग की बल्लेबाजी की याद आ रही है। स्रोत: Aaj Tak
पिता के ट्रेडमार्क अंदाज में लगाया बैकफुट पंच
DPL 2026 के मुकाबले में आर्यवीर सहवाग का एक बैकफुट पंच सोशल मीडिया और क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया। शॉट खेलते समय उनका बैकफुट पर जाना और गेंद को पॉइंट क्षेत्र की ओर जोरदार तरीके से भेजना काफी हद तक वीरेंद्र सहवाग के पुराने बल्लेबाजी अंदाज की याद दिलाता है।
वीरेंद्र सहवाग अपने करियर के दौरान बैकफुट पर जाकर तेज गेंदबाजों के खिलाफ कट और पंच शॉट खेलने के लिए खास तौर पर जाने जाते थे। आर्यवीर के इसी तरह के शॉट ने फैंस को पिता और बेटे के बल्लेबाजी अंदाज की तुलना करने का मौका दे दिया है।
DPL में लगातार बना रहे पहचान
आर्यवीर सहवाग दिल्ली की घरेलू क्रिकेट व्यवस्था में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। DPL 2026 उनके लिए खुद को बड़े मंच पर साबित करने का महत्वपूर्ण मौका है।
पिता वीरेंद्र सहवाग भारत के सबसे सफल और आक्रामक सलामी बल्लेबाजों में रहे हैं। ऐसे में आर्यवीर पर स्वाभाविक रूप से अतिरिक्त नजर रहती है। हालांकि, आर्यवीर अपनी अलग पहचान बनाने पर ध्यान दे रहे हैं और लगातार अपने खेल को बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं।
पिता की सलाह पर करते हैं फोकस
आर्यवीर ने अपने पिता से मिलने वाली सलाह के बारे में भी बात की है। उनके मुताबिक, वीरेंद्र सहवाग उन्हें फोकस बनाए रखने और अपने खेल पर ध्यान देने की सलाह देते हैं।
आर्यवीर के लिए यह सलाह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बड़े क्रिकेटर के बेटे होने के कारण उन पर शुरुआत से ही लोगों की निगाहें रहती हैं। ऐसे में उनके लिए जरूरी है कि वह पिता के नाम के दबाव से अलग अपनी बल्लेबाजी और प्रदर्शन पर ध्यान दें।
वीरेंद्र सहवाग की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती
वीरेंद्र सहवाग ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने दो तिहरे शतक लगाए और वनडे क्रिकेट में भी कई विस्फोटक पारियां खेलीं। उनका बल्लेबाजी अंदाज आक्रामक था और वह पहली गेंद से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने के लिए जाने जाते थे।
आर्यवीर के बल्लेबाजी शॉट्स में भी कभी-कभी पिता की झलक दिखाई देती है, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी अलग क्रिकेट पहचान बनाने की है।
फैंस को दिख रही पिता की झलक
आर्यवीर के बैकफुट पंच के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस ने उनकी तुलना वीरेंद्र सहवाग से करनी शुरू कर दी। कई प्रशंसकों को उनके शॉट्स में सहवाग का पुराना अंदाज नजर आया।
हालांकि, आर्यवीर के लिए अभी लंबा सफर तय करना बाकी है। घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन और दबाव की परिस्थितियों में बेहतर बल्लेबाजी ही उन्हें आगे के स्तर तक पहुंचाने में मदद करेगी।
पिता का नाम नहीं, प्रदर्शन बनेगा पहचान
आर्यवीर सहवाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह सिर्फ वीरेंद्र सहवाग के बेटे के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर के तौर पर अपनी पहचान बनाएं।
DPL 2026 में उनके प्रदर्शन पर इसी वजह से क्रिकेट फैंस और चयनकर्ताओं की नजर है। अगर वह लगातार रन बनाते रहे और अपनी तकनीक में सुधार करते रहे, तो आने वाले समय में घरेलू क्रिकेट के बड़े मंचों पर उनका नाम और तेजी से उभर सकता है।
फिलहाल आर्यवीर के बैकफुट पंच ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या क्रिकेट जगत को आने वाले वर्षों में सहवाग परिवार की दूसरी पीढ़ी भी देखने को मिलेगी।

