शिवरी प्लांट में यूपीपीसीबी के नव नियुक्त अधिकारियों को वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन का प्रशिक्षण
दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता, दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
लखनऊ, 29 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के नव चयनित अधिकारियों के लिए लखनऊ स्थित शिवरी प्लांट में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में असिस्टेंट एनवायरमेंटल इंजीनियर, असिस्टेंट साइंटिफिक ऑफिसर और 34 साइंटिफिक ऑफिसरों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को वैज्ञानिक तरीके से ठोस कचरे के प्रबंधन, प्रसंस्करण, निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं से अवगत कराना था।
वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन की तकनीकी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान यूपीपीसीबी के अधिकारियों को शिवरी प्लांट में संचालित कूड़ा प्रबंधन की विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में पुराने यानी लीगेसी वेस्ट के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के साथ-साथ प्रतिदिन शहर से पहुंचने वाले फ्रेश वेस्ट का भी वैज्ञानिक विधि से निस्तारण किया जा रहा है।
अधिकारियों को बताया गया कि कूड़े के वैज्ञानिक प्रसंस्करण के दौरान विभिन्न प्रकार के बाय-प्रोडक्ट निकलते हैं। इनके उचित और पर्यावरण अनुकूल निस्तारण की प्रक्रिया भी कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रशिक्षण के दौरान इन प्रक्रियाओं को अधिकारियों को विस्तार से समझाया गया।
प्लांट की लैब का किया गया निरीक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत यूपीपीसीबी के नव नियुक्त अधिकारियों को शिवरी प्लांट में स्थित प्रयोगशाला यानी लैब का भ्रमण भी कराया गया। यहां अधिकारियों ने प्रतिदिन किए जाने वाले विभिन्न परीक्षणों और उनकी प्रक्रियाओं की जानकारी हासिल की।
नगर निगम के अधिकारियों ने लैब में होने वाले परीक्षणों के पर्यावरणीय महत्व के बारे में भी जानकारी दी। अधिकारियों को बताया गया कि कूड़े के वैज्ञानिक प्रसंस्करण और पर्यावरणीय मानकों की निगरानी में प्रयोगशाला परीक्षणों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
इसके साथ ही अधिकारियों ने प्लांट में संचालित अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। इनमें कोकोनट प्लांट, एलटीपी (लिक्विड ट्रीटमेंट प्लांट) समेत विभिन्न इकाइयां शामिल रहीं। अधिकारियों को इन इकाइयों में होने वाली प्रक्रियाओं और उनके उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स की दी जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही वर्ष 2026 में किए गए महत्वपूर्ण बदलावों और नए प्रावधानों के बारे में भी चर्चा की गई।
अधिकारियों को बताया गया कि ठोस कचरे का प्रबंधन केवल कचरे को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत कचरे का संग्रहण, पृथक्करण, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से अंतिम निस्तारण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
प्रशिक्षण के दौरान पर्यावरणीय मानकों के पालन और कूड़ा प्रबंधन से जुड़े नियमों की निगरानी में यूपीपीसीबी की भूमिका पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को समझाया गया कि वैज्ञानिक और व्यवस्थित कूड़ा प्रबंधन से प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ शहर को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में मदद मिलती है।
पर्यावरण संरक्षण में वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन अहम
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच ठोस कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कूड़े का वैज्ञानिक प्रबंधन पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि कचरे का उचित तरीके से प्रसंस्करण और निस्तारण नहीं किया जाए तो इससे वायु, जल और मिट्टी प्रदूषण की समस्या बढ़ सकती है।
शिवरी प्लांट में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं के माध्यम से अधिकारियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल करके कचरे का बेहतर प्रबंधन कैसे किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्लांट की विभिन्न व्यवस्थाओं को करीब से देखा और संबंधित अधिकारियों से तकनीकी प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। इससे उन्हें भविष्य में अपने विभागीय दायित्वों के निर्वहन में व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर मिला।
नई जिम्मेदारियों के लिए दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम के समापन पर नगर निगम अधिकारियों ने यूपीपीसीबी के नव नियुक्त अधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी का उपयोग वे पर्यावरण संरक्षण तथा वैज्ञानिक कूड़ा प्रबंधन को बेहतर बनाने में करेंगे।
नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि प्रभावी ठोस कचरा प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और पर्यावरणीय नियमों का प्रभावी अनुपालन जरूरी है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ कूड़ा प्रबंधन को मजबूत करने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था और पर्यावरणीय गुणवत्ता दोनों में सुधार किया जा सकता है।
शिवरी प्लांट में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम यूपीपीसीबी के नव नियुक्त अधिकारियों के लिए कूड़ा प्रबंधन की जमीनी और तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

