दिल्ली में बदले Fire Safety Rules, CM रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला; इमारतों में लागू होंगे नए सुरक्षा मानक
नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026। दिल्ली में बढ़ती आग की घटनाओं और भवनों की सुरक्षा को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दिल्ली फायर सर्विस (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है। नए नियमों में राजधानी की इमारतों के लिए आग से बचाव और सुरक्षा से जुड़े कई अनिवार्य मानक तय किए गए हैं।
इन संशोधित नियमों का उद्देश्य भवनों में आग लगने की स्थिति में त्वरित बचाव, दमकल वाहनों की आसान पहुंच और लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना है। नए प्रावधानों में फायर और स्मोक बैरियर, आपातकालीन बिजली व्यवस्था, फायर कंट्रोल रूम और दमकल वाहनों के लिए अतिक्रमण मुक्त रास्ते जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया है।
6 मीटर चौड़ा रास्ता रखना होगा जरूरी
संशोधित नियमों के तहत संबंधित भवनों तक फायर ब्रिगेड के वाहनों की आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा स्पष्ट रास्ता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस रास्ते में किसी तरह का स्थायी या अस्थायी अतिक्रमण नहीं होना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में दमकल की गाड़ियां बिना रुकावट घटनास्थल तक पहुंच सकें।
नए नियमों में भवन की ऊंचाई और उसके उपयोग यानी ऑक्यूपेंसी के आधार पर अग्नि सुरक्षा मानकों को लागू करने की व्यवस्था की गई है। ये मानक संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज से भी जोड़े गए हैं।
फायर अलार्म और स्प्रिंकलर सिस्टम भी जरूरी
संशोधित नियमों में भवनों में आग का पता लगाने और उस पर शुरुआती स्तर पर नियंत्रण पाने के लिए कई व्यवस्थाओं का प्रावधान किया गया है। जरूरत के अनुसार भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट-एड होज रील, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम और ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर सिस्टम लगाए जाने होंगे।
इसके अलावा सार्वजनिक घोषणा या वॉयस इवैक्युएशन सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं भी सुरक्षा मानकों का हिस्सा होंगी। इनका उद्देश्य आग लगने की स्थिति में भवन में मौजूद लोगों को समय रहते चेतावनी देना और सुरक्षित बाहर निकालना है।
धुएं और आग को फैलने से रोकने पर जोर
नए फायर सेफ्टी नियमों में आग और धुएं को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में फैलने से रोकने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके लिए फायर-चेक डोर, प्रेसराइजेशन सिस्टम, फायर और स्मोक बैरियर, फायर-स्टॉपिंग उपाय और स्मोक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं निर्धारित की गई हैं।
इसके साथ ही भवनों में निकास मार्गों को सुरक्षित रखने, एग्जिट साइन, फ्लोर नंबरिंग और आपात स्थिति में लोगों की आवाजाही को आसान बनाने वाली व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया है।
इमरजेंसी पावर बैकअप और फायर लिफ्ट
संशोधित नियमों में आग लगने के दौरान महत्वपूर्ण अग्नि एवं जीवन सुरक्षा प्रणालियों को चालू रखने के लिए समर्पित आपातकालीन बिजली व्यवस्था का भी प्रावधान किया गया है।
फायर पंप, स्मोक वेंटिलेशन, प्रेसराइजेशन सिस्टम, फायर अलार्म, इमरजेंसी लाइटिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और फायर कमांड सेंटर जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं के लिए आपातकालीन बिजली की व्यवस्था जरूरी होगी। कुछ भवनों में फायर टावर और फायर लिफ्ट जैसी सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है।
18 श्रेणियों में तय किए गए सुरक्षा उपाय
सरकार द्वारा अधिसूचित संशोधित नियमों में भवनों के लिए 18 श्रेणियों में अग्नि रोकथाम और सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है। इन प्रावधानों को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेशन और फायर सर्विस की एनओसी प्रक्रिया से भी जोड़ा गया है।
नए नियमों के तहत थर्ड-पार्टी ऑडिटर्स द्वारा किए जाने वाले निरीक्षण में पारदर्शिता और एकरूपता लाने के लिए मानकीकृत निरीक्षण चेकलिस्ट की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे भवनों में मौजूद अग्नि सुरक्षा कमियों की पहचान करने और नियमों के अनुपालन की निगरानी में मदद मिलेगी।
हाल की आग की घटनाओं के बाद बढ़ी चिंता
दिल्ली में हाल के महीनों में हुई आग की बड़ी घटनाओं के बाद भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। जून 2026 में मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग में 23 लोगों की मौत हुई थी। इस घटना के बाद दिल्ली सरकार ने भवनों और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने इससे पहले भी आग की घटनाओं के बाद अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया था। अब संशोधित फायर सर्विस नियमों के जरिए भवनों में अग्नि सुरक्षा के लिए अधिक स्पष्ट और विस्तृत ढांचा तैयार किया गया है।
सरकार ने सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद के अनुसार, नए नियमों का उद्देश्य अग्नि सुरक्षा मानकों को यूनिफाइड बिल्डिंग बायलॉज के साथ सीधे जोड़ना और राजधानी में आधुनिक सुरक्षा उपायों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना है। सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए नियमों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
नए नियमों के लागू होने के बाद दिल्ली की विभिन्न श्रेणी की इमारतों में फायर सेफ्टी व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप मजबूत करना होगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे आग की घटनाओं के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करने और राजधानी को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

