मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने अमेरिकी दूतावास से लगाई मदद की गुहार, तिहाड़ जेल में स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
नई दिल्ली: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने भारत में मौजूद अमेरिकी दूतावास से उनके मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। वैनडाइक इस समय दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। परिवार का दावा है कि उन्हें जेल में अलग रखा गया है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। परिवार ने अमेरिकी सरकार से राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप कर उन्हें घर वापस लाने की मांग की है।
मैथ्यू वैनडाइक के परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह तिहाड़ जेल की जेल नंबर 8/9 में कथित तौर पर एकांत हिरासत में हैं और उन्हें बुनियादी बंदी अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। हालांकि, ये दावे परिवार और उनके समर्थकों की ओर से किए गए हैं और मामले में भारतीय जांच एजेंसियों के आरोप अलग हैं।
परिवार ने अमेरिकी दूतावास से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
वैनडाइक के परिवार ने अमेरिकी दूतावास से अपील करते हुए कहा है कि मामले में तत्काल राजनयिक हस्तक्षेप किया जाए। परिवार का कहना है कि वैनडाइक की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है और उन्हें अमेरिका वापस लाने के लिए अमेरिकी प्रशासन को कदम उठाना चाहिए।
परिवार के अनुसार, वैनडाइक को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था और अप्रैल में उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया। परिवार ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति, दवाओं और परिवार से संपर्क को लेकर भी चिंता जताई है।
परिवार के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी अधिकारियों और कांग्रेस कार्यालयों से संपर्क करने की बात भी कही है। उनका कहना है कि वे मामले को राजनयिक स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
स्वास्थ्य को लेकर पहले भी उठे थे सवाल
मैथ्यू वैनडाइक के स्वास्थ्य को लेकर पहले भी अदालत में आवेदन दिया जा चुका है। मई 2026 में उनके वकीलों ने दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत के सामने परिवार से वर्चुअल संपर्क और विशेषज्ञ चिकित्सा जांच की मांग की थी। अदालत ने इन आवेदनों पर जेल प्रशासन और एनआईए से जवाब मांगा था।
इससे पहले वैनडाइक ने तिहाड़ जेल में मिलने वाले भोजन को लेकर भी अदालत का रुख किया था। उन्होंने दावा किया था कि जेल का खाना उनके लिए बहुत मसालेदार और तैलीय है और इसके कारण वह लंबे समय तक पर्याप्त भोजन नहीं कर सके। उनकी ओर से अपना खाना तैयार करने की अनुमति मांगी गई थी।
उनकी याचिका में परिवार की ओर से भोजन और कुछ जरूरी सामान की व्यवस्था करने की बात कही गई थी। वैनडाइक ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति खराब होने और वजन कम होने का भी दावा किया था। इन दावों पर अंतिम स्थिति अदालत और जेल प्रशासन की कार्यवाही से तय होगी।
NIA ने वैनडाइक पर लगाए गंभीर आरोप
मैथ्यू वैनडाइक की गिरफ्तारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA की उस जांच से जुड़ी है, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र और म्यांमार से जुड़े कथित प्रशिक्षण नेटवर्क की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, वैनडाइक और अन्य विदेशी नागरिकों पर प्रतिबंधित संगठनों से संपर्क करने, भारत के प्रतिबंधित इलाकों में प्रवेश करने और कथित तौर पर उग्रवादी समूहों को प्रशिक्षण तथा अन्य सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े आरोप हैं।
वैनडाइक को मार्च 2026 में गिरफ्तार किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह अन्य विदेशी नागरिकों के साथ भारत में प्रवेश करने के बाद मिजोरम और म्यांमार से जुड़े इलाकों तक पहुंचे थे। NIA ने इस मामले में आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत कार्रवाई की है।
वैनडाइक ने इन आरोपों से इनकार किया है। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।
परिवार के दावों और जांच एजेंसी के आरोपों में अंतर
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वैनडाइक का परिवार उन्हें एक अमेरिकी नागरिक और NGO से जुड़े व्यक्ति के रूप में पेश करते हुए मानवीय आधार पर अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, भारतीय जांच एजेंसी का आरोप है कि मामला केवल NGO गतिविधियों तक सीमित नहीं है और इसमें प्रतिबंधित संगठनों से संपर्क तथा प्रशिक्षण से जुड़े गंभीर आरोप शामिल हैं।
ऐसे में वैनडाइक की हिरासत, स्वास्थ्य और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।
अमेरिका तक पहुंचाने की कोशिश में परिवार
परिवार का कहना है कि वे वैनडाइक की रिहाई और अमेरिका वापसी के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। परिवार के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी अधिकारियों से संपर्क करने और मामले को उच्च स्तर पर उठाने की कोशिश की है।
परिवार ने इसे मानवीय मुद्दा बताते हुए कहा है कि वैनडाइक की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए अमेरिकी सरकार को तत्काल कदम उठाना चाहिए।
तिहाड़ में भोजन को लेकर भी अदालत पहुंचा था मामला
वैनडाइक के मामले में जेल में भोजन को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी। जुलाई में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने अदालत से अपना खाना तैयार करने की अनुमति मांगी थी। उनकी दलील थी कि तिहाड़ में उपलब्ध भोजन उनके लिए उपयुक्त नहीं है।
उनकी ओर से इंडक्शन कुकर और कुछ बुनियादी खाद्य सामग्री इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई थी। परिवार ने इसका खर्च उठाने की पेशकश की थी।
इससे पहले वैनडाइक की ओर से स्वास्थ्य जांच और परिवार से संपर्क की मांग भी अदालत के सामने रखी गई थी।
आगे क्या होगा?
अब इस मामले में आगामी अदालत की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। एक तरफ वैनडाइक का परिवार अमेरिकी सरकार से राजनयिक हस्तक्षेप की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय एजेंसियों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है।
मामला भारत और अमेरिका के बीच राजनयिक स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर सकता है, लेकिन वैनडाइक के खिलाफ लगे आरोपों और उनकी हिरासत से जुड़े अंतिम फैसले अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेंगे।
निष्कर्ष
अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक के परिवार ने तिहाड़ जेल में उनकी हिरासत और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताते हुए अमेरिकी दूतावास से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का दावा है कि वैनडाइक को जेल नंबर 8/9 में अलग रखा गया है और उन्हें पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं तथा परिवार से संपर्क नहीं मिल पा रहा है।
वहीं, भारतीय जांच एजेंसी NIA ने वैनडाइक पर प्रतिबंधित संगठनों से संपर्क और कथित प्रशिक्षण गतिविधियों से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में UAPA समेत अन्य धाराओं के तहत जांच चल रही है और वैनडाइक इन आरोपों से इनकार कर चुके हैं।
अब इस मामले में अदालत की अगली कार्रवाई के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिकी प्रशासन परिवार की अपील पर क्या कदम उठाता है।
रिपोर्टर; जसलीन कौर, मुख्य प्रबंधक

