वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में रचा इतिहास, 92 रन की पारी से मचाया तहलका
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी में रचा इतिहास, 92 रन से चूके शतक, 42 गेंदों में ठोकी फिफ्टी
नई दिल्ली: 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से एक बार फिर क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा। ईस्ट जोन की ओर से सेंट्रल जोन के खिलाफ खेलते हुए वैभव ने महज 42 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सबसे कम उम्र में दलीप ट्रॉफी में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हालांकि, वह अपने शतक से महज 8 रन दूर रह गए और 92 रन बनाकर आउट हो गए।
42 गेंदों में फिफ्टी, वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास
सेंट्रल जोन ने अपनी पहली पारी में 266 रन बनाए थे। इसके जवाब में ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत करने उतरे वैभव सूर्यवंशी ने पहले ही ओवर से आक्रामक अंदाज दिखाया।
उन्होंने तेजी से रन बनाते हुए सिर्फ 42 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड बनाया।
27 मार्च 2011 को जन्मे वैभव ने यह उपलब्धि 15 साल और 157 दिन की उम्र में हासिल की। उन्होंने करीब छह दशक पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
करीब छह दशक पुराना रिकॉर्ड टूटा
वैभव सूर्यवंशी से पहले दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड 1968-69 में बना था। उस समय सेंट्रल जोन के एक खिलाड़ी ने कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।
करीब 60 साल बाद वैभव ने उस रिकॉर्ड को तोड़कर अपने नाम कर लिया। इतनी कम उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट के बड़े टूर्नामेंट में इस तरह की पारी खेलना उनकी प्रतिभा को दर्शाता है।
शुरुआत से ही गेंदबाजों पर बरसे वैभव
सेंट्रल जोन के 266 रन पर ऑलआउट होने के बाद ईस्ट जोन की पारी शुरू हुई। वैभव ने आते ही गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
वह लगातार बड़े शॉट लगाने के साथ-साथ स्ट्राइक भी तेजी से रोटेट कर रहे थे। 12 ओवर के बाद वैभव 28 गेंदों में 40 रन बना चुके थे।
इस दौरान उन्हें एक जीवनदान भी मिला। उनका टॉप एज हवा में गया, लेकिन फील्डर कैच को पूरा नहीं कर सका। इस मौके का वैभव ने पूरा फायदा उठाया और अपनी पारी को आगे बढ़ाया।
शतक से सिर्फ 8 रन दूर रह गए
वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी के दौरान शानदार बल्लेबाजी की और 92 रन तक पहुंच गए। ऐसा लग रहा था कि वह आसानी से शतक पूरा कर लेंगे, लेकिन उनकी पारी का अंत हो गया।
हर्ष दुबे की गेंद पर वैभव ने लेग साइड के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद डीप मिडविकेट की दिशा में गई, जहां उनका कैच लपक लिया गया।
इस तरह वैभव 92 रन बनाकर पवेलियन लौटे और अपने शतक से महज 8 रन दूर रह गए। आउट होने के बाद उनकी निराशा भी साफ दिखाई दी।
92 रन की पारी में दिखा अलग अंदाज
वैभव की इस पारी की खास बात सिर्फ उनकी आक्रामक बल्लेबाजी नहीं रही। उन्होंने जरूरत के मुताबिक डिफेंस किया और स्ट्राइक रोटेट करके पारी को आगे भी बढ़ाया।
कम उम्र के बावजूद उन्होंने दबाव की स्थिति में काफी परिपक्वता दिखाई। 92 रन की इस पारी में आक्रामक शॉट्स के साथ धैर्य और क्रिकेटिंग शॉट्स का भी अच्छा मिश्रण देखने को मिला।
आरपी सिंह भी हुए प्रभावित
वैभव सूर्यवंशी की इस पारी ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज आरपी सिंह को भी प्रभावित किया। युवा बल्लेबाज की बल्लेबाजी और रिकॉर्ड को लेकर उनकी चर्चा क्रिकेट जगत में होने लगी है।
वैभव इससे पहले भी अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण सुर्खियां बटोर चुके हैं। दलीप ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस तरह का प्रदर्शन उनके बढ़ते कद को दिखाता है।
कम उम्र में लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं वैभव
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट के अलग-अलग स्तरों पर अपनी पहचान बनाई है। उनकी बल्लेबाजी में खास तौर पर तेज रन बनाने की क्षमता नजर आती है।
दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी अब उनके नाम हो गया है। 15 साल की उम्र में सीनियर स्तर के मुकाबले में 92 रन की पारी खेलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है।
शतक नहीं बना पाने का मलाल
वैभव के लिए यह पारी रिकॉर्ड के लिहाज से शानदार रही, लेकिन शतक से महज 8 रन पहले आउट होने का मलाल जरूर रहेगा।
उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की थी, उससे ऐसा लग रहा था कि वह शतक तक पहुंच सकते हैं। हालांकि 92 रन की पारी ने उनकी टीम को महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनके नाम एक बड़ा रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया।
निष्कर्ष
वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल में 92 रन की शानदार पारी खेलकर एक बार फिर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने 42 गेंदों में अर्धशतक लगाकर दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में फिफ्टी लगाने का रिकॉर्ड बनाया।
15 साल और 157 दिन की उम्र में वैभव ने करीब छह दशक पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। हालांकि हर्ष दुबे की गेंद पर डीप मिडविकेट में कैच देकर वह 92 रन पर आउट हो गए और शतक से महज 8 रन दूर रह गए।
इस पारी ने एक बार फिर दिखाया कि इतनी कम उम्र में वैभव सूर्यवंशी सीनियर क्रिकेट के दबाव को संभालने और बड़े स्तर पर रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

