ऑपरेशन सिंदूर के हीरो जितेंद्र मिश्र बने राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO, जानें शानदार सैन्य करियर
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में उनके नाम पर फैसला लिया गया। जितेंद्र मिश्र अब राम मंदिर की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालेंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से CEO की नियुक्ति के लिए लंबे समय से चयन प्रक्रिया चल रही थी। इसके लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन आए थे। आखिरकार रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र के नाम पर सहमति बनी। उनकी नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासन को अधिक व्यवस्थित और पेशेवर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र?
जितेंद्र मिश्र भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी हैं। उन्होंने करीब चार दशक तक भारतीय वायुसेना में सेवा दी। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण परिचालन और कमांड जिम्मेदारियां संभालीं। वह एक अनुभवी फाइटर पायलट और टेस्ट पायलट भी रहे हैं।
उनके सैन्य करियर में कई महत्वपूर्ण पद शामिल रहे हैं। वह डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (ऑपरेशंस) की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टैब्लिशमेंट (ASTE) के कमांडेंट के तौर पर भी काम किया।
जितेंद्र मिश्र ने भारतीय वायुसेना के दो फ्रंटलाइन एयर बेस की कमान भी संभाली। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख यानी एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C), Western Air Command के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई। वह अप्रैल 2026 में वायुसेना से सेवानिवृत्त हुए।
ऑपरेशन सिंदूर में निभाई अहम भूमिका
जितेंद्र मिश्र के सैन्य करियर की चर्चा ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भी होती है। वह उस दौरान पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की हवाई कार्रवाई से जुड़े अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उनके लंबे सैन्य अनुभव और ऑपरेशनल नेतृत्व को देखते हुए उन्हें कई महत्वपूर्ण सैन्य सम्मानों से भी नवाजा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक (SYSM), अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) जैसे सम्मान प्राप्त हुए हैं।
CEO के तौर पर क्या होगी जिम्मेदारी?
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO के रूप में जितेंद्र मिश्र के सामने बड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी। वह मंदिर से जुड़े प्रशासनिक, संचालन और प्रबंधन से जुड़े कामों की निगरानी करेंगे। ट्रस्ट की व्यवस्था को अधिक पेशेवर और व्यवस्थित बनाने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर परिसर के संचालन, व्यवस्थाओं, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुचारू रखना CEO की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।
इसके अलावा वित्तीय और कानूनी मामलों से जुड़े प्रशासनिक कामों में भी CEO की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए भी इस पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
5,585 आवेदनों के बाद हुआ चयन
राम मंदिर ट्रस्ट ने CEO के पद के लिए व्यापक चयन प्रक्रिया अपनाई थी। इस पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके बाद आवेदनों की जांच की गई और उम्मीदवारों को अलग-अलग चरणों में शॉर्टलिस्ट किया गया।
अंतिम चरण में 16 उम्मीदवारों के साथ विस्तृत बातचीत और इंटरव्यू किए गए। अगस्त में ऑनलाइन बातचीत के बाद अयोध्या में आमने-सामने इंटरव्यू का दौर भी हुआ। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने पूरी प्रक्रिया के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया और 1 सितंबर को अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी थी।
इसके बाद 2 सितंबर को हुई ट्रस्ट की बैठक में अंतिम निर्णय लिया गया और एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र के नाम पर मुहर लगी।
प्रशासन को मिलेगा सैन्य अनुभव का लाभ
जितेंद्र मिश्र का लगभग चार दशक लंबा सैन्य अनुभव उनकी नई जिम्मेदारी में अहम साबित हो सकता है। भारतीय वायुसेना में उन्होंने ऑपरेशनल कमांड, प्रशासन, रणनीतिक योजना और नेतृत्व से जुड़ी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं।
राम मंदिर ट्रस्ट के सामने भी अब मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने की चुनौती है। ऐसे में सैन्य पृष्ठभूमि वाले वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति से ट्रस्ट को अनुशासन, प्रबंधन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।
जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO होंगे। इस पद के जरिए मंदिर के प्रशासनिक और संचालन संबंधी कामों को एक स्पष्ट नेतृत्व और जिम्मेदारी के तहत संचालित करने की कोशिश की जा रही है।
ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों की भी नियुक्ति
CEO की नियुक्ति के साथ ही राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में तीन नए सदस्यों को भी शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचन्दका और निर्मला यादव शामिल हैं।
इस तरह 2 सितंबर की बैठक राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रही। एक ओर जहां जितेंद्र मिश्र को पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया गया, वहीं दूसरी ओर ट्रस्ट में नए सदस्यों को शामिल करके प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया।
कुल मिलाकर, एयर मार्शल (रिटायर्ड) जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति राम मंदिर के प्रशासनिक प्रबंधन में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। सैन्य क्षेत्र में लंबे अनुभव और वरिष्ठ नेतृत्व क्षमता वाले जितेंद्र मिश्र अब अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालेंगे।
रिपोर्टर; जसलीन कौर, मुख्य प्रबंधक

