हार्दिक पंड्या फिटनेस: BCCI की सख्त शर्त, वनडे टीम में वापसी के लिए 10 ओवर गेंदबाजी जरूरी
अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कोई बड़ा जोखिम नहीं लेना चाहता। खासतौर पर हार्दिक पंड्या फिटनेस को लेकर बोर्ड का रुख काफी सख्त नजर आ रहा है। टीम इंडिया में वापसी की कोशिश कर रहे हार्दिक पंड्या के सामने अब एक स्पष्ट फिटनेस शर्त रखी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अगर हार्दिक वनडे टीम में वापसी करना चाहते हैं और वर्ल्ड कप की योजनाओं का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो उन्हें अपनी गेंदबाजी फिटनेस साबित करनी होगी। बोर्ड चाहता है कि हार्दिक वनडे मैच में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए पूरी तरह तैयार हों।
हार्दिक के सामने रखी गई साफ शर्त
हार्दिक पंड्या भारतीय टीम के लिए एक अहम ऑलराउंडर रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी टीम को संतुलन देते हैं। यही वजह है कि वनडे फॉर्मेट में उनकी फिटनेस चयनकर्ताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
हालांकि, चोट और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं के कारण हार्दिक की गेंदबाजी पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में BCCI अब उनकी वापसी को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
बोर्ड की शर्त साफ है कि वनडे टीम में जगह बनाने के लिए हार्दिक को यह साबित करना होगा कि वह मैच में 10 ओवर गेंदबाजी करने का भार उठा सकते हैं। सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर उनकी वापसी को पर्याप्त नहीं माना जा रहा है।
वर्ल्ड कप से पहले BCCI नहीं लेना चाहता जोखिम
अगले साल होने वाला वनडे वर्ल्ड कप भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण टूर्नामेंट होगा। BCCI चाहता है कि टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कोई अनिश्चितता न रहे।
क्रिकेट फैन्स की नजरें भले ही टीम इंडिया के प्रदर्शन और खिलाड़ियों के आंकड़ों पर रहती हों, लेकिन बोर्ड का ध्यान इस समय फिटनेस और चोट से उबरने की प्रक्रिया पर भी है।
खासकर ऐसे खिलाड़ियों के मामले में, जो टीम की रणनीति में अहम भूमिका निभाते हैं, BCCI उनकी फिटनेस को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहता है। हार्दिक इसी श्रेणी में आते हैं क्योंकि वह टीम में ऑलराउंडर की भूमिका निभाते हैं।
चोटिल खिलाड़ियों की फिटनेस पर होगी बड़ी बैठक
खिलाड़ियों की चोट और उनके रिहैबिलिटेशन को लेकर गुरुवार को एक बड़ी रिव्यू मीटिंग होने वाली है। इस बैठक में भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर, चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर और BCCI से जुड़े अधिकारी हिस्सा ले सकते हैं।
बैठक में चोटिल खिलाड़ियों की मौजूदा स्थिति और उनके रिहैबिलिटेशन की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही खिलाड़ियों की टीम में वापसी की संभावित टाइमलाइन पर भी चर्चा हो सकती है।
BCCI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने के बाद ही मैदान पर उतारा जाए। बोर्ड के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि लगातार क्रिकेट के बीच खिलाड़ियों पर चोट का जोखिम बढ़ जाता है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की टाइमलाइन से चिंतित गंभीर और अगरकर
रिपोर्ट के अनुसार, हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से चोटिल खिलाड़ियों की वापसी के बारे में कई बार स्पष्ट टाइमलाइन नहीं मिल पाती।
किस खिलाड़ी की चोट कितनी गंभीर है और वह कब तक पूरी तरह फिट होकर उपलब्ध हो सकता है, इसकी स्पष्ट जानकारी टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के लिए बेहद जरूरी है।
वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट की तैयारी में टीम संयोजन काफी पहले से तैयार करना पड़ता है। ऐसे में चोटिल खिलाड़ियों की वापसी को लेकर अनिश्चितता टीम मैनेजमेंट की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है।
हार्दिक की वापसी पर टिकी नजरें
हार्दिक पंड्या की वापसी पर क्रिकेट फैन्स की भी नजरें हैं। वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारत के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी रहे हैं और उनकी ऑलराउंड क्षमता टीम को अतिरिक्त विकल्प देती है।
लेकिन BCCI अब उनकी वापसी को सिर्फ नाम या पिछले प्रदर्शन के आधार पर तय नहीं करना चाहता। हार्दिक पंड्या फिटनेस को लेकर बोर्ड का फोकस इस बात पर है कि वह लगातार गेंदबाजी करने के लिए कितने तैयार हैं।
अगर हार्दिक 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता साबित कर देते हैं, तो वनडे टीम में उनकी वापसी की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं। वहीं, अगर वह इस फिटनेस मानक को पूरा नहीं कर पाते हैं, तो चयनकर्ता उनकी वापसी को लेकर दोबारा विचार कर सकते हैं।
वर्ल्ड कप की तैयारी में फिटनेस बनेगी सबसे बड़ा आधार
वनडे वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम को कई अहम मुकाबले खेलने हैं। इन मैचों के जरिए टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों की भूमिका और संयोजन को परखना चाहेगा।
ऐसे में खिलाड़ियों की फिटनेस सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होगी। BCCI का मौजूदा रुख बताता है कि बोर्ड चोटिल खिलाड़ियों को जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के बजाय पूरी तरह फिट होने का इंतजार करना चाहता है।
हार्दिक पंड्या के मामले में भी यही नीति अपनाई जा रही है। उनकी बल्लेबाजी क्षमता पर किसी को संदेह नहीं है, लेकिन एक ऑलराउंडर के रूप में उनकी उपयोगिता तभी पूरी तरह सामने आएगी जब वह नियमित रूप से गेंदबाजी कर सकें।
फिलहाल हार्दिक की वनडे टीम में वापसी के लिए 10 ओवर गेंदबाजी करने की फिटनेस एक अहम पैमाना बन गई है। आने वाली रिव्यू मीटिंग और फिटनेस अपडेट के बाद उनकी वापसी को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।
रिपोर्टर; जसलीन कौर, मुख्य प्रबंधक

