Prayagraj Photographer Murder: 20 दिन पहले हुई थी मौत, फोन से गर्लफ्रेंड को मिलते रहे मैसेज
प्रयागराज में लापता हुए 27 वर्षीय फोटोग्राफर आलोक गुप्ता की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, आलोक की हत्या उसके दोस्त ने दो साथियों के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद शव को एक बड़े नीले ट्रॉली बैग में भरकर करीब 60 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सुहागी पहाड़ी पर फेंक दिया गया। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
10 अगस्त से लापता था फोटोग्राफर
आलोक गुप्ता मूल रूप से प्रतापगढ़ का रहने वाला था और प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र के हरवारा स्थित एक अपार्टमेंट में किराये पर रहता था। वह शादी-विवाह और दूसरे कार्यक्रमों में फोटोग्राफी का काम करता था।
पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त की रात से उसका मोबाइल बंद हो गया था और वह लापता था। काफी तलाश के बाद 22 अगस्त को उसकी मां ने धूमनगंज थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
CCTV में दिखा नीला ट्रॉली बैग
जांच के दौरान पुलिस ने आलोक के अपार्टमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में तीन युवक एक बड़े नीले ट्रॉली बैग को लेकर अपार्टमेंट से बाहर निकलते दिखाई दिए।
पुलिस ने CCTV फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर तीन संदिग्धों की पहचान की। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश यादव के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तीनों आलोक की हत्या में शामिल थे।
50 हजार रुपये के लेन-देन का विवाद
पुलिस के मुताबिक, आलोक और आरोपी शुभम तिवारी के बीच दोस्ती थी। शुभम ने आलोक से करीब 50 हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस का दावा है कि पैसे वापस करने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
जांच एजेंसी के अनुसार, आलोक बार-बार अपने रुपये वापस मांगता था और कथित तौर पर शुभम को पैसे को लेकर अपमानित भी करता था। पुलिस का मानना है कि इसी विवाद और कथित नाराजगी के चलते शुभम ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
जन्मदिन की पार्टी के दौरान हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 10 अगस्त की रात आलोक के किराये के फ्लैट में जन्मदिन की पार्टी हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर आलोक को गोली मारी और फिर उसका गला दबाकर हत्या कर दी।
इसके बाद शव को बड़े नीले ट्रॉली बैग में रखा गया। आरोपी कथित तौर पर शव को कार से प्रयागराज से करीब 60 किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश के रीवा जिले की सुहागी पहाड़ी तक ले गए और वहां फेंक दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और कार बरामद करने का भी दावा किया है।
20 दिन तक फोन से मिलते रहे मैसेज
इस मामले का एक चौंकाने वाला पहलू आलोक का मोबाइल फोन भी रहा। पुलिस की जांच के मुताबिक, आलोक के गायब होने के बाद भी उसका फोन सक्रिय था। इस दौरान उसकी गर्लफ्रेंड को उसके मोबाइल से मैसेज मिलते रहे।
पुलिस को शक हुआ कि आलोक के गायब होने और फोन से भेजे जा रहे मैसेज के पीछे कोई साजिश हो सकती है। इसी दिशा में जांच आगे बढ़ाई गई और CCTV फुटेज समेत अन्य सुरागों को जोड़ा गया।
रीवा में मिला था अज्ञात शव
पुलिस के मुताबिक, आलोक का शव रीवा जिले की सुहागी पहाड़ी पर मिलने से पहले स्थानीय पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था। शव की तत्काल पहचान नहीं हो सकी थी। पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार अज्ञात व्यक्ति के तौर पर कर दिया गया था।
बाद में प्रयागराज में आलोक के लापता होने की जांच के दौरान परिजनों को रीवा में मिले शव के बारे में जानकारी मिली। परिवार ने कपड़ों, तस्वीरों और बरामद सामान के आधार पर उसकी पहचान की।
तीन आरोपी गिरफ्तार, एक अन्य की तलाश
प्रयागराज पुलिस ने इस मामले में शुभम तिवारी, शुभम यादव और अंकुश यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में हत्या की वजह और शव ठिकाने लगाने से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं।
पुलिस ने यह भी बताया कि हत्या में इस्तेमाल पिस्टल और वाहन की व्यवस्था करने वाले एक अन्य व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। उसे फिलहाल वांछित बताया गया है।
दोस्ती, पैसे और मोबाइल से खुला हत्या का राज
आलोक गुप्ता के गायब होने के बाद परिवार के लिए यह समझना मुश्किल था कि वह कहां गया। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर मामला दोस्ती, पैसों के विवाद और मोबाइल फोन के इर्द-गिर्द घूमता नजर आया।
CCTV फुटेज में तीन लोगों का बड़े ट्रॉली बैग के साथ निकलना पुलिस के लिए अहम सुराग बना। इसके बाद आरोपियों तक पहुंचने और करीब तीन सप्ताह से चल रही इस गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाने में मदद मिली।
रिपोर्टर; दीप सिंह मुख्य, संवाददता लखनऊ
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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