CM Omar Abdullah ने अमित शाह से की मुलाकात, J&K का राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक हालात समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का रहा।
उमर अब्दुल्ला लंबे समय से जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करते रहे हैं। गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई इस बैठक में उन्होंने राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने का मुद्दा एक बार फिर केंद्र सरकार के सामने रखा।
बैठक में Transaction of Business Rules को अंतिम रूप देने और जम्मू-कश्मीर की आरक्षण व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा जनकल्याण, विकास और प्रशासन से जुड़े कई विषयों पर दोनों नेताओं के बीच चर्चा हुई।
राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बाद निर्वाचित सरकार बनने के बावजूद केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा बरकरार है। उमर अब्दुल्ला सरकार लगातार केंद्र से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस भी इस मुद्दे को लगातार प्रमुखता से उठाती रही है। उमर अब्दुल्ला का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक प्रक्रिया बहाल होने के बाद अब राज्य का दर्जा भी बहाल किया जाना चाहिए।
हालांकि, अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद राज्य का दर्जा बहाल करने की कोई निश्चित तारीख या समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
Transaction of Business Rules पर चर्चा
बैठक में Transaction of Business Rules को अंतिम रूप देने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहा। जम्मू-कश्मीर में निर्वाचित सरकार और उपराज्यपाल के बीच प्रशासनिक अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के लिहाज से ये नियम अहम हैं।
उमर अब्दुल्ला सरकार की ओर से इस विषय को पहले भी केंद्र सरकार के सामने उठाया जाता रहा है। नियमों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद प्रशासनिक कामकाज को लेकर और अधिक स्पष्टता आने की उम्मीद है।
आरक्षण व्यवस्था में बदलाव पर भी बातचीत
अमित शाह और उमर अब्दुल्ला के बीच जम्मू-कश्मीर की आरक्षण व्यवस्था को तर्कसंगत बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। आरक्षण का मुद्दा जम्मू-कश्मीर में सामाजिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
सरकार की ओर से आरक्षण व्यवस्था में संतुलन और विभिन्न वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर चर्चा
बैठक में हाल में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का मुद्दा भी सामने आया। उमर अब्दुल्ला ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही सहायता के लिए गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
राज्य सरकार फिलहाल प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों पर भी ध्यान दे रही है। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
श्रीनगर में फिल्म फेस्टिवल को लेकर जानकारी
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अमित शाह को श्रीनगर में होने वाले पहले International Film Festival of Jammu and Kashmir (IFFJK) के बारे में भी जानकारी दी।
इस आयोजन को जम्मू-कश्मीर की कला, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक पहचान को देश और दुनिया के सामने बेहतर तरीके से पेश करना है।
मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड विवाद
जम्मू-कश्मीर में मेडिकल इंटर्न्स का स्टाइपेंड विवाद भी चर्चा में है। MBBS और BDS इंटर्न्स अपने मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग कर रहे हैं।
इंटर्न्स का कहना है कि मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जरूरतों के मुकाबले काफी कम है। इस मुद्दे को लेकर मेडिकल छात्रों और सरकार के बीच बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
बडगाम में आतंकी मुठभेड़
जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबर भी सामने आई है। सुरक्षा बलों ने अभियान के दौरान एक आतंकवादी को मार गिराने का दावा किया है।
इलाके में दूसरे संदिग्ध आतंकी की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी रखा गया। सुरक्षा बलों ने आसपास के जंगल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सर्च ऑपरेशन को तेज किया।
जम्मू-कश्मीर ने साक्षरता में हासिल की उपलब्धि
जम्मू-कश्मीर के लिए शिक्षा के क्षेत्र से भी बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षा मंत्री सकीना इटू के अनुसार, जम्मू-कश्मीर ने 98 प्रतिशत से अधिक साक्षरता दर हासिल करते हुए ‘Fully Literate Union Territory’ की उपलब्धि हासिल की है।
सरकार ने इस उपलब्धि को शिक्षकों, छात्रों, अधिकारियों और स्वयंसेवकों की मेहनत का परिणाम बताया है। इस उपलब्धि को केंद्र शासित प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रीनगर में BJP और NC के बीच राजनीतिक टकराव
श्रीनगर में बीजेपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हुई हैं। दोनों दलों की ओर से अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किए गए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर अलग-अलग व्यवहार किए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। इस मुद्दे को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।
विधानसभा सत्र पर भी नजर
उमर अब्दुल्ला और अमित शाह की मुलाकात जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी सत्र से पहले हुई है। ऐसे में राज्य का दर्जा, प्रशासनिक अधिकार, आरक्षण और केंद्र-प्रदेश संबंधों से जुड़े मुद्दे आने वाले विधानसभा सत्र में भी महत्वपूर्ण रह सकते हैं।
विपक्षी दल भी सरकार से राज्य का दर्जा बहाल कराने को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने की रणनीति अपना सकते हैं।
आगे क्या होगा?
अमित शाह के साथ मुलाकात के बाद अब सबसे ज्यादा नजर जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर रहेगी। उमर अब्दुल्ला सरकार लगातार इस मांग को केंद्र के सामने उठा रही है।
इसके अलावा Transaction of Business Rules, आरक्षण व्यवस्था, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत और जम्मू-कश्मीर में विकास से जुड़े मुद्दे भी सरकार के एजेंडे में बने रहेंगे।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से राज्य का दर्जा बहाल करने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर केंद्र और जम्मू-कश्मीर सरकार के बीच बातचीत महत्वपूर्ण हो सकती है।
रिपोर्टर ;सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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