महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गणेशोत्सव से पहले पुणे में DJ और ध्वनि प्रदूषण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गणेशोत्सव को पारंपरिक और सांस्कृतिक तरीके से मनाया जाए और अत्यधिक तेज आवाज वाले DJ के इस्तेमाल से बचा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे का समाधान केवल सख्त कानूनी कार्रवाई से नहीं, बल्कि लोगों की भागीदारी और सहमति से भी निकाला जा सकता है।
DJ विवाद के बीच CM फडणवीस की अपील
पुणे में गणेशोत्सव के दौरान DJ और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर पिछले कुछ समय से बहस चल रही है। ध्वनि प्रदूषण को लेकर नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से तेज आवाज वाले DJ पर नियंत्रण की मांग की जा रही है। इसी बीच मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि पुणे में क्षमता है कि गणेशोत्सव को सांस्कृतिक तरीके से मनाकर पूरे महाराष्ट्र के सामने उदाहरण पेश किया जाए।
फडणवीस ने कहा कि सरकार DJ के अत्यधिक इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए जनता की भागीदारी पर जोर दे रही है। उनका कहना है कि त्योहारों की खुशी के साथ-साथ आसपास रहने वाले लोगों की परेशानी और ध्वनि प्रदूषण का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
DJ की तेज आवाज को लेकर चिंता
मुख्यमंत्री ने DJ सिस्टम से पैदा होने वाली अत्यधिक तेज आवाज पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से अपील की कि गणेशोत्सव के दौरान ऐसी व्यवस्था अपनाई जाए जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं भी बनी रहें और आम लोगों को तेज आवाज से परेशानी भी न हो।
पुणे में प्रशासन और गणेश मंडलों के बीच इस विषय पर बातचीत भी हुई है। पुलिस प्रशासन की ओर से ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों के पालन पर जोर दिया जा रहा है। वहीं, कुछ इलाकों में हाई-डेसीबल DJ और अन्य तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
विवाद के बीच हमले की घटना भी चर्चा में
DJ विवाद के बीच सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट पर कथित हमले की घटना ने मामले को और चर्चा में ला दिया है। बापट तेज आवाज वाले DJ के खिलाफ अपनी आवाज उठा रहे थे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है और मतभेद का समाधान हिंसा के जरिए नहीं होना चाहिए।
DJ को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ संगठन त्योहारों में DJ के इस्तेमाल को धार्मिक उत्सव का हिस्सा मानते हैं, जबकि दूसरी ओर नागरिक और सामाजिक संगठन ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त नियम लागू करने की मांग कर रहे हैं।
पुणे के विकास पर भी CM का फोकस
DJ विवाद के अलावा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पुणे महानगर क्षेत्र के विकास को लेकर भी बड़ी योजना की जानकारी दी है। सरकार अगले दो वर्षों में पुणे को देश के प्रमुख और सबसे पसंदीदा शहरी क्षेत्रों में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।
इस योजना में आउटर रिंग रोड, मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और नए सुरंग मार्गों सहित कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य पुणे में ट्रैफिक और कनेक्टिविटी की समस्या को कम करना और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं तैयार करना है।
पुणे में IT और ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी को देखते हुए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। सरकार पुणे को आर्थिक और तकनीकी गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
महाराष्ट्र में विदेशी निवेश बढ़ाने की तैयारी
मुख्यमंत्री फडणवीस महाराष्ट्र में विदेशी निवेश बढ़ाने पर भी जोर दे रहे हैं। उन्होंने बेल्जियम की कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश के अवसर तलाशने का न्योता दिया है। राज्य सरकार का लक्ष्य विदेशी कंपनियों के लिए महाराष्ट्र को आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
कुल मिलाकर, CM Devendra Fadnavis से जुड़ी 5 सितंबर 2026 की प्रमुख खबरों में गणेशोत्सव के दौरान DJ और ध्वनि प्रदूषण का विवाद, पुणे के विकास की बड़ी योजना और महाराष्ट्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने की कोशिश प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री ने जहां लोगों से पारंपरिक तरीके से गणेशोत्सव मनाने की अपील की है, वहीं सरकार पुणे के इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्य के आर्थिक विकास को गति देने पर भी जोर दे रही है।
रिपोर्टर ;सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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