नेपाल बाढ़ वायरल वीडियो: मलबे से नोटों की गड्डियां मिलने का दावा, जानिए सच
नेपाल: नेपाल में आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और मलबे के बीच लोग अब भी अपने परिजनों की तलाश में जुटे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर नेपाल से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें मलबे और कीचड़ के बीच से नोटों की गड्डियां और महंगे सामान मिलने का दावा किया जा रहा है।
इन वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे ही एक वायरल वीडियो में एक व्यक्ति लाल रंग का हैंडबैग निकालता दिखाई देता है। बैग की जिप खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में नोटों की गड्डियां नजर आती हैं।
लाल हैंडबैग से नोट मिलने का दावा
वायरल वीडियो में कुछ लोग मलबे के बीच से लाल रंग का एक हैंडबैग निकालते दिखाई देते हैं। इसके बाद बैग को खोलकर देखा जाता है, तो उसमें नोटों की गड्डियां रखी नजर आती हैं।
वीडियो को नेपाल में आई बाढ़ से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो के आधार पर दावा कर रहे हैं कि बाढ़ और भूस्खलन के बाद मलबे से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हो रही है।
हालांकि, किसी वायरल वीडियो में दिखाई दे रही तस्वीरों को सिर्फ उसके कैप्शन या दावे के आधार पर सच नहीं माना जा सकता। वीडियो का वास्तविक संदर्भ और उसकी तारीख की पुष्टि करना जरूरी है।
लॉकर से कैश निकलने का भी वीडियो वायरल
इसी तरह के कुछ अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। इनमें पानी और कीचड़ से घिरे या मलबे में दबे लॉकर से नोटों की गड्डियां निकाले जाने का दावा किया जा रहा है।
इन वीडियो के साथ भी नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बातें कही जा रही हैं। अलग-अलग वीडियो को एक ही घटना का हिस्सा बताकर भी शेयर किया जा रहा है।
वायरल दावों पर क्या है सवाल?
फैक्ट-चेक के दौरान ऐसे वीडियो की जांच में सबसे महत्वपूर्ण बात उनका मूल स्रोत और पुराना संदर्भ होता है। किसी पुराने वीडियो को किसी नई प्राकृतिक आपदा से जोड़कर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा सकता है।
इसलिए नेपाल बाढ़ से जुड़े इन वायरल वीडियो को देखते समय यह जरूरी है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, कहां का है और उसमें दिखाई दे रहे लोगों या सामान की वास्तविक पहचान क्या है।
वायरल वीडियो में नोटों की गड्डियां दिखाई देना अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं है कि ये नकदी नेपाल में आई हालिया बाढ़ के दौरान ही मलबे से मिली है।
आपदा के बीच फर्जी दावों से रहें सावधान
नेपाल में बाढ़ से भारी नुकसान की खबरों के बीच सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में वीडियो और तस्वीरें शेयर की जा रही हैं। ऐसे समय में पुराने या असंबंधित वीडियो को मौजूदा आपदा से जोड़कर फैलाए जाने की संभावना रहती है।
इसलिए किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले उसके स्रोत और संदर्भ की जांच करना जरूरी है। खासकर नकदी, राहत सामग्री या किसी बड़े घटनाक्रम से जुड़े सनसनीखेज दावों को बिना पुष्टि के आगे बढ़ाने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष: नेपाल बाढ़ के नाम पर वायरल हो रहे नोटों की गड्डियों वाले वीडियो को केवल सोशल मीडिया के दावे के आधार पर हालिया बाढ़ से जोड़ना सही नहीं है। वायरल वीडियो की वास्तविकता और संदर्भ की पुष्टि के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना चाहिए।
रिपोर्टर; दीप सिंह मुख्य, संवाददता लखनऊ
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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