सीएम योगी शिक्षा पर बोले, डिजिटल लिटरेसी और AI को बताया समय की जरूरत
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पत्र लिखकर शिक्षा और साक्षरता के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में बच्चों को केवल पढ़ना-लिखना सिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और सही-गलत की समझ देना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षक दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 81 शिक्षकों को सम्मानित करने का अवसर मिला। उन्होंने शिक्षकों को ज्ञान का दीप बताते हुए कहा कि शिक्षक आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं और समाज एवं देश के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
शिक्षक सिर्फ पढ़ाते नहीं, जीवन की राह भी दिखाते हैं
सीएम योगी ने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी हैं। उनका काम सिर्फ बच्चों को किताबों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व का निर्माण करना भी है। शिक्षक बच्चों में जिज्ञासा, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करते हैं।
उन्होंने कहा कि बच्चे स्कूल केवल पढ़ना और लिखना सीखने के लिए नहीं जाते। शिक्षा का उद्देश्य उन्हें ऐसा ज्ञान देना है, जिससे वे जीवन में सही दिशा चुन सकें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझ सकें।
योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों की तुलना उस दीपक से की, जो खुद प्रकाश देता है और दूसरों के जीवन को भी रोशन करता है। उनके मुताबिक, शिक्षकों के प्रयास से आने वाली पीढ़ियों के लिए आगे बढ़ने का रास्ता आसान होता है।
गुरुकुल परंपरा का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरुकुल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं होते थे। वहां विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ जीवन मूल्यों, अनुशासन और जिम्मेदारियों की शिक्षा भी दी जाती थी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में भी इस भावना को बनाए रखना जरूरी है। उनके मुताबिक, ज्ञान तभी सार्थक है जब वह जीवन को बेहतर बनाने और समाज के लिए उपयोगी साबित हो।
डिजिटल लिटरेसी के साथ AI की जानकारी भी जरूरी
सीएम योगी ने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में डिजिटल लिटरेसी के साथ AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की जानकारी भी समय की जरूरत बन गई है।
उन्होंने कहा कि AI, डीप-टेक और दूसरी उभरती तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रही हैं। इसलिए युवाओं और विद्यार्थियों को इन तकनीकों से परिचित कराना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल विकास के साथ जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।
लखनऊ की AI City और कानपुर की ड्रोन तकनीक का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के तकनीकी विकास का जिक्र करते हुए लखनऊ में विकसित हो रहे AI City और कानपुर में ड्रोन एवं UAV तकनीक से जुड़े इकोसिस्टम का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि ये पहल प्रदेश में तकनीक और नवाचार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की तकनीकों और रोजगार के बदलते अवसरों के लिए तैयार करना है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, स्कूलों में सुविधाएं बढ़ाने और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है।
उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों जैसी पहलों का उल्लेख किया। इन योजनाओं के जरिए स्कूलों की स्थिति सुधारने, विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं तथा रोजगार के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
योगी ने कहा कि इन प्रयासों से स्कूलों में बच्चों के ड्रॉपआउट को कम करने और अधिक बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में प्रगति हुई है।
हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि हर बच्चा स्कूल पहुंचे, हर विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और हर युवा कौशल, नवाचार तथा नई तकनीक से जुड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में साक्षरता का अर्थ केवल पढ़ना-लिखना जानना नहीं है। नागरिकों को डिजिटल तकनीक और AI की बुनियादी जानकारी भी होनी चाहिए।
8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस
सीएम योगी ने 8 सितंबर को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस अवसर पर समाज को शिक्षा और साक्षरता के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए।
मुख्यमंत्री का संदेश है कि शिक्षा को केवल परीक्षा और डिग्री तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो बच्चों को ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन में सही निर्णय लेने की क्षमता दे।
उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को डिजिटल और AI साक्षर बनाना भी शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
भविष्य की शिक्षा में तकनीक की बढ़ती भूमिका
सीएम योगी के पत्र में शिक्षा के पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन पर जोर दिया गया है। एक तरफ उन्होंने शिक्षकों की भूमिका और भारतीय ज्ञान परंपरा को महत्वपूर्ण बताया, वहीं दूसरी ओर AI, डीप-टेक, डिजिटल लिटरेसी और कौशल विकास को भविष्य के लिए जरूरी बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा को अधिक प्रभावी और उपयोगी बनाने के लिए किया जाना चाहिए। उनका जोर ऐसे शिक्षा मॉडल पर है, जिसमें बच्चे ज्ञान हासिल करने के साथ बदलती दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार हों।
उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश के बच्चे और युवा शिक्षा, कौशल और तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास में योगदान दें।
रिपोर्टर ; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

