Amrit Dalam Extradited: मोल्दोवा से भारत लाया गया जग्गू भगवानपुरिया गैंग का आरोपी
जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े बताए जा रहे अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से भारत लाया गया है। पंजाब पुलिस के मुताबिक, विदेश में गिरफ्तारी के बाद उसे कानूनी प्रक्रिया पूरी कर भारत लाया गया। आरोपी को भारत वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर करीब छह महीने तक विशेष अभियान चलाया।
मोल्दोवा में पकड़ा गया था अमृत डालम
पुलिस के अनुसार, अमृत डालम गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। इसी दौरान उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली थी कि वह मोल्दोवा के रास्ते यूक्रेन जाने की कोशिश कर रहा था।
मोल्दोवा में उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय किया गया।
छह महीने चला ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’
अमृत डालम को भारत लाना पंजाब पुलिस के लिए आसान नहीं था। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर करीब छह महीने तक ‘ऑपरेशन ईस्टर्न रीच’ चलाया।
इस अभियान के दौरान विदेश में उसके संभावित ठिकानों, आवाजाही और संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाई गई। जांच एजेंसियों के प्रयासों के बाद मोल्दोवा में उसकी गिरफ्तारी संभव हुई और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे भारत लाया गया।
रेड कॉर्नर नोटिस भी हुआ था जारी
पुलिस से बचने के लिए आरोपी लगातार स्थान बदल रहा था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी तलाश तेज करने के लिए उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए किसी देश की पुलिस दूसरे देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों से किसी वांछित आरोपी का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने में सहयोग मांग सकती है। हालांकि, यह अपने आप में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या प्रत्यर्पण का आदेश नहीं होता।
जग्गू भगवानपुरिया गैंग से कनेक्शन
पंजाब पुलिस अमृत डालम को जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा हुआ बता रही है। पुलिस अब भारत लाए जाने के बाद उससे पूछताछ कर सकती है और उसके कथित आपराधिक नेटवर्क तथा विदेश में उसकी गतिविधियों से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ा सकती है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करेंगी कि विदेश में रहते हुए आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और भारत से बाहर रहने के दौरान उसने किन गतिविधियों को अंजाम दिया।
क्या होता है प्रत्यर्पण?
प्रत्यर्पण का मतलब है कि किसी आरोपी को, जो किसी दूसरे देश में मौजूद या गिरफ्तार है, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस देश को सौंपा जाता है जहां उसके खिलाफ मामला दर्ज है या वह वांछित है।
अमृत डालम के मामले में भी मोल्दोवा में गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद उसे भारतीय एजेंसियों को सौंपा गया।
भारत लाने के बाद जांच आगे बढ़ेगी
अमृत डालम के भारत पहुंचने के बाद अब पंजाब पुलिस उससे पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसियों के लिए उसके विदेश भागने, वहां रहने और कथित गैंग नेटवर्क से जुड़े संपर्कों की जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।
Amrit Dalam Extradited मामला पंजाब पुलिस के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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