BRICS Summit 2026 New Delhi: पुतिन ने 30,000 प्रतिबंधों पर पश्चिम को घेरा, रूस की अर्थव्यवस्था पर कही बड़ी बात
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिमी देशों की आर्थिक नीतियों और रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर कड़ा बयान दिया है। BRICS बिजनेस फोरम में बोलते हुए पुतिन ने कहा कि रूस पर 30,000 से ज्यादा प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की संख्या बाकी सभी देशों पर लगाए गए प्रतिबंधों से करीब दोगुनी है।
‘रूस पर 30 हजार से ज्यादा प्रतिबंध’
पुतिन ने BRICS बिजनेस फोरम में पश्चिमी देशों पर रूस की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की संख्या 30,000 से अधिक हो चुकी है।
रूसी राष्ट्रपति ने पश्चिमी प्रतिस्पर्धियों पर आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों के जरिए अपनी पुरानी वैश्विक स्थिति बनाए रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनके मुताबिक, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर लगाए जा रहे प्रतिबंध वैश्विक कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।
BRICS को मजबूत आर्थिक मंच बनाने पर जोर
पुतिन ने BRICS को केवल राजनीतिक समूह के बजाय व्यावहारिक आर्थिक साझेदारी के रूप में मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने तकनीक, बुनियादी ढांचे, निवेश और भुगतान प्रणालियों के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात कही।
रूस के विशेष प्रतिनिधि किरिल दिमित्रिएव ने भी कहा है कि BRICS एक अधिक व्यावहारिक आर्थिक साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसमें कारोबार, तकनीकी कंपनियों, निवेश और साझा बुनियादी ढांचे पर सहयोग को बढ़ावा दिया जा सकता है।
पश्चिमी प्रतिबंधों के खिलाफ BRICS में चर्चा
BRICS सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है जब वैश्विक व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था को लेकर कई चुनौतियां सामने हैं। BRICS के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक प्रमुखों ने भी एकतरफा व्यापार और वित्तीय उपायों को लेकर चिंता जताई है।
रूस का कहना है कि प्रतिबंधों और अन्य आर्थिक दबावों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। वहीं BRICS के भीतर कई देश वैश्विक वित्तीय संस्थानों में सुधार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका बढ़ाने की मांग करते रहे हैं।
भारत-रूस संबंधों पर भी नजर
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत भी हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत और रूस ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को करीब 70 अरब डॉलर के स्तर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो रही है।
BRICS सम्मेलन में कई बड़े नेता शामिल
नई दिल्ली में हो रहे BRICS सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य सदस्य देशों के नेता भी शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
BRICS का विस्तार होने के बाद समूह में अलग-अलग देशों के आर्थिक और रणनीतिक हित जुड़े हैं। ऐसे में नई दिल्ली सम्मेलन में पश्चिमी प्रतिबंधों, वैश्विक व्यापार व्यवस्था और विकासशील देशों की आर्थिक भूमिका पर होने वाली चर्चा पर दुनिया की नजर बनी हुई है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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