मोदी-पुतिन मुलाकात में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा, व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी जोर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, निवेश और समुद्री क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी प्रधानमंत्री मोदी ने उठाया।
यह मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नई दिल्ली पहुंचने के कुछ घंटे बाद हुई। पुतिन तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आए हैं और इस दौरान वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दोनों नेताओं की मुलाकात को भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
ब्लैक सी में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चर्चा
द्विपक्षीय बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ब्लैक सी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। समुद्री मार्गों से होने वाले व्यापार और वहां काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
बैठक में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। भारत की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।
भारत-रूस संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत में भारत-रूस के व्यापक संबंधों की भी समीक्षा की गई। दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग जारी है।
दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को नई गति देने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया। बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना भी रहा।
पुतिन के रूस आने के निमंत्रण को मोदी ने स्वीकार किया
विदेश मंत्रालय (MEA) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का रूस आने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। यह यात्रा दोनों देशों के बीच होने वाली वार्षिक शिखर सम्मेलन वार्ता के सिलसिले में होगी।
वार्षिक शिखर बैठक भारत और रूस के शीर्ष नेतृत्व को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने और भविष्य के सहयोग की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती है।
व्यापार घाटा कम करने पर भी हुई बातचीत
बैठक में व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने के तरीकों पर भी मुख्य रूप से चर्चा हुई। भारत और रूस के बीच व्यापार में हाल के वर्षों में बदलाव आया है, लेकिन व्यापार संतुलन को लेकर भारत की कुछ चिंताएं भी रही हैं।
बातचीत के दौरान भारतीय पक्ष ने रूस के पक्ष में बढ़ते व्यापार घाटे से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। दोनों देशों के बीच व्यापार को अधिक संतुलित बनाने और भारतीय उत्पादों तथा कंपनियों के लिए रूसी बाजार में अवसर बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई।
भारत का प्रयास है कि रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को केवल कुछ प्रमुख क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जाए। इसके लिए निवेश और बाजार पहुंच को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान अहम मुलाकात
राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा ऐसे समय हो रही है जब नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं। सम्मेलन में विभिन्न सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
ऐसे समय में मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय बैठक को दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों के साथ-साथ भारत-रूस सहयोग को आगे बढ़ाने के मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दोनों नेताओं की बातचीत से यह संकेत मिलता है कि भारत और रूस अपने पारंपरिक संबंधों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप और मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। आने वाले समय में व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ वार्षिक शिखर बैठक के जरिए द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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