CM रेखा गुप्ता का बड़ा एक्शन, अवैध निर्माण पर दिल्ली में बुलडोजर कार्रवाई
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने राजधानी में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है।
MCD ने दिल्ली के सभी 12 जोन में कार्रवाई करते हुए ऐसी संपत्तियों को निशाना बनाया है, जहां बिना अनुमति निर्माण, भवन नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरे पाए गए हैं। निगम का अभियान खास तौर पर उन इमारतों पर केंद्रित है, जिनमें अनधिकृत मंजिलें बनाई गई हैं या जो जर्जर स्थिति में हैं।
सत्य निकेतन हादसे के बाद सख्त हुई सरकार
सत्य निकेतन में PG इमारत गिरने की घटना ने दिल्ली में छात्र आवास और अवैध निर्माण की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। जांच में इमारत में निर्माण और मरम्मत से जुड़े काम तथा बेसमेंट में पानी जमा होने जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए भवन से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को राजधानी में अवैध और असुरक्षित इमारतों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि लोगों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
PG भवनों की भी हो रही जांच
सरकार ने दिल्ली में संचालित PG और छात्र आवासों की जांच पर भी जोर दिया है। खास तौर पर उन भवनों की जांच की जा रही है, जहां निर्धारित ऊंचाई और मंजिलों से अधिक निर्माण होने की आशंका है।
MCD ने ऐसे भवनों का सर्वे शुरू किया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कौन-सी इमारतें नियमों के अनुरूप हैं और किन भवनों में अनधिकृत निर्माण हुआ है। निगम के अनुसार, PG सुविधाओं वाले भवनों का डेटा तैयार करने और जोखिम वाले भवनों की पहचान करने की प्रक्रिया भी जारी है।
अवैध पांचवीं मंजिलों पर भी नजर
सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने विशेष रूप से अवैध पांचवीं मंजिलों के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। निगम ने 12 जोन में ऐसे कई भवनों की पहचान की है, जहां पांचवीं मंजिल का निर्माण नियमों के खिलाफ किया गया है या निर्माण जारी था। इन मामलों में नोटिस जारी करने के साथ आगे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों पर भी कार्रवाई
सत्य निकेतन हादसे के बाद सरकार ने जिम्मेदारी तय करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं। MCD के कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इनमें दक्षिणी जोन के वरिष्ठ अधिकारी और इंजीनियर भी शामिल हैं। सरकार का संदेश साफ है कि यदि अवैध निर्माण की अनुमति देने या उसकी अनदेखी करने में अधिकारियों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
सुरक्षा मानकों को लेकर नई व्यवस्था की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे के बाद सार्वजनिक उपयोग वाली इमारतों की सुरक्षा जांच और नियमित स्ट्रक्चरल ऑडिट की जरूरत पर जोर दिया है। छात्र आवास, नर्सिंग होम और स्कूल जैसी इमारतों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी रोकने के लिए व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है।
दिल्ली सरकार और MCD की कार्रवाई का उद्देश्य राजधानी में ऐसे भवनों की पहचान करना है, जो लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं। सत्य निकेतन हादसे के बाद शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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