CM नायब सैनी से 16 मांगों पर सहमति, 36 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल
चंडीगढ़: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की 36 दिनों से चल रही हड़ताल आखिरकार खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक के बाद सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच कई अहम मांगों पर सहमति बनी। समझौते के बाद प्रदेशभर में सफाई कर्मचारियों ने काम पर लौटना शुरू कर दिया है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 6 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। लंबे समय तक चले आंदोलन के कारण प्रदेश के कई शहरों में कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा। कई इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई देने लगे थे। हड़ताल खत्म होने के बाद अब नगर निकायों ने सफाई व्यवस्था को सामान्य स्थिति में लाने के लिए काम तेज कर दिया है।
CM नायब सैनी के साथ बैठक में बनी सहमति
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सफाई कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक हुई। बैठक के बाद कर्मचारी नेताओं ने बताया कि सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों को स्वीकार किया है। इसके बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया।
समझौते के तहत नगर निकायों के रोल पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों को खाली पदों पर नियमित करने की प्रक्रिया पर सहमति बनी है। वहीं, संविदा कर्मचारियों को नियमित भर्ती प्रक्रिया में उनके अनुभव के आधार पर लाभ देने का प्रावधान किया गया है।
जोखिम भत्ता और मेडिकल सुविधाओं पर बड़ा फैसला
सफाई कर्मचारियों के लिए 2,000 रुपये प्रतिमाह जोखिम भत्ता देने पर भी सहमति बनी है। इसके अलावा नगर निकायों के नियमित कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके आश्रितों को सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर मेडिकल कैशलेस पॉलिसी का लाभ देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन के नियमित मेडिकल चेकअप की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए संबंधित नगर निकायों की ओर से आवश्यक खर्च वहन किया जाएगा।
दुर्घटना की स्थिति में 50 लाख रुपये तक का बीमा
समझौते में सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन की सुरक्षा को लेकर भी अहम प्रावधान किए गए हैं। SBI में बचत खाता रखने वाले पात्र कर्मचारियों को दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में बैंक की ओर से 50 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिलेगा। आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 25 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
इसके साथ ही पालिका रोल के सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-CHIRAYU में शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इसके लिए संबंधित नगर निकायों की ओर से कर्मचारी के लिए वार्षिक प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा।
20 दिन की मेडिकल लीव और प्रमोशन का रास्ता साफ
बैठक में सफाई कर्मचारियों को एक कैलेंडर वर्ष में 20 दिन की मेडिकल लीव देने पर सहमति बनी। योग्य सफाई कर्मचारियों और सीवरमैन को क्लेरिकल यानी ग्रुप-C पदों पर पदोन्नति देने के लिए सेवा नियमों में बदलाव की भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
पालिका रोल पर काम करने वाले सीवरमैन के मासिक वेतन में 2,100 रुपये की बढ़ोतरी पर भी सहमति बनी है। आउटसोर्सिंग के जरिए काम करने वाले कर्मचारियों को निर्धारित न्यूनतम वेतन के साथ पात्रता के अनुसार ESI और EPF की सुविधा सुनिश्चित करने की बात कही गई है।
हड़ताल के दौरान बर्खास्त कर्मचारियों को वापस लेने पर सहमति
सरकार और कर्मचारियों के बीच हुए समझौते में हड़ताल के दौरान निलंबित किए गए नियमित कर्मचारियों को बहाल करने पर भी सहमति बनी है। जिन पालिका रोल और HKRNL कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गई थीं, उन्हें दोबारा सेवा में लेने की बात कही गई है। हड़ताल की अवधि को अतिरिक्त काम के जरिए समायोजित करने पर भी सहमति बनी है।
वापस काम पर लौटे सफाई कर्मचारी
हड़ताल खत्म होने के बाद प्रदेश के कई शहरों में सफाई कर्मचारी दोबारा काम पर लौट आए। करनाल समेत कई स्थानों पर कर्मचारियों ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई शुरू कर दी। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे आंदोलन के कारण शहरों में जो सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई थी, उसे जल्द से जल्द सामान्य किया जाएगा।
सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौते से राहत
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने से प्रदेश के शहरी इलाकों में लंबे समय से बनी सफाई व्यवस्था की समस्या दूर होने की उम्मीद है। 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ हुई बैठक में हुए समझौते को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुए समझौते को लागू करने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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