Ayodhya Deepotsav 2026: 7 नवंबर को भव्य दीपोत्सव, सरयू घाटों पर खास सजावट
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में इस साल का दीपोत्सव एक बार फिर भव्यता और आस्था का नया रंग पेश करने की तैयारी में है। 7 नवंबर 2026 को होने वाले दीपोत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरयू घाटों की सजावट से लेकर दीप प्रज्ज्वलन और महाआरती तक, आयोजन को भव्य बनाने के लिए अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं।
अयोध्या का दीपोत्सव अब शहर की पहचान बन चुका है। हर साल दीपों की रोशनी से जगमगाती रामनगरी की तस्वीरें देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में आकर्षण का केंद्र रहती हैं। इस बार भी प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भव्य और व्यवस्थित दीपोत्सव का अनुभव मिले।
सरयू घाटों पर दिखेगा रोशनी का भव्य नजारा
दीपोत्सव के मुख्य आयोजन वाले दिन सरयू घाटों को विशेष रूप से सजाया जाएगा। शाम ढलने के बाद जब हजारों दीपों की रोशनी और रंगीन लाइटें एक साथ घाटों को रोशन करेंगी, तो पूरा सरयू तट आकर्षक नजर आएगा।
घाटों की सजावट को दीपोत्सव की थीम और अयोध्या की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप तैयार करने की योजना है। प्रशासन की कोशिश है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और घाटों पर सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन भी प्रभावी रहे।
महाआरती और दीप प्रज्ज्वलन की तैयारियां
दीपोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में सरयू तट पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ धार्मिक आयोजन भी होंगे। महाआरती इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी। रामनगरी में होने वाले इस आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
अयोध्या आने वाले श्रद्धालु सरयू घाटों पर चल रही तैयारियों और सजावट के काम को देखकर इस बार के दीपोत्सव को लेकर उत्साहित हैं।
अलग-अलग विभागों को सौंपी जा रही जिम्मेदारी
दीपोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच काम बांटना शुरू कर दिया है। अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की निगरानी में आयोजन से संबंधित व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है।
घाटों की सजावट, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। आयोजन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रशासन पहले से तैयारियों में जुटा है।
आस्था और संस्कृति का संगम बनेगा दीपोत्सव
अयोध्या को भगवान राम की नगरी के रूप में जाना जाता है। ऐसे में दीपोत्सव के माध्यम से रामनगरी की धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को एक साथ प्रदर्शित करने की कोशिश की जाती है।
7 नवंबर को होने वाला दीपोत्सव भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाएगा। सरयू तट पर दीपों की रोशनी के साथ धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम रामनगरी के वातावरण को खास बनाएंगे।
देश-दुनिया की नजर रहती है अयोध्या पर
अयोध्या का दीपोत्सव पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी पहचान बना चुका है। दीपों से जगमगाते सरयू घाटों की तस्वीरें सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर लोगों का ध्यान खींचती हैं।
इस बार भी प्रशासन का लक्ष्य आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल तैयार करना है।
श्रद्धालुओं में बढ़ा उत्साह
दीपोत्सव की तैयारियां शुरू होने के साथ ही अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है। सरयू घाटों पर चल रहे काम और सजावट की तैयारियों को देखकर लोग आयोजन का इंतजार कर रहे हैं।
प्रशासन की तैयारियां जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगी, दीपोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों और व्यवस्थाओं की तस्वीर भी और स्पष्ट होगी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

