निगार सुल्ताना-हरमनप्रीत कौर हैंडशेक विवाद पर BCB की सफाई, कप्तान के खिलाफ शिकायतों पर भी नजर
विमेंस एशिया कप 2026 के भारत-बांग्लादेश सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान बांग्लादेश की कप्तान निगार सुल्ताना एक बार फिर चर्चा में आ गईं। टॉस के समय भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और निगार सुल्ताना के बीच हैंडशेक नहीं होने को लेकर विवाद खड़ा हुआ। अब इस मामले पर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
BCB की महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू के मुताबिक, टॉस के दौरान हरमनप्रीत कौर से हाथ नहीं मिलाने का फैसला निगार सुल्ताना का निजी निर्णय था। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस फैसले में बोर्ड की कोई भूमिका नहीं थी।
BCB ने कहा- यह निगार का निजी फैसला
रफीकुल इस्लाम बाबू ने कहा कि निगार सुल्ताना ने जो फैसला लिया, वह उनका व्यक्तिगत निर्णय था और BCB ने उन्हें ऐसा करने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया था। इस बयान के बाद बोर्ड ने खुद को इस विवाद से अलग कर लिया है।
भारत और बांग्लादेश के बीच सेमीफाइनल मुकाबला पहले से ही काफी अहम था। ऐसे में टॉस के समय हुई इस घटना ने क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
क्या निगार सुल्ताना पर होगा एक्शन?
हैंडशेक विवाद के बीच निगार सुल्ताना के खिलाफ संभावित कार्रवाई का सवाल भी उठ रहा है। BCB अधिकारी के मुताबिक, बोर्ड के पास निगार सुल्ताना के खिलाफ कथित कदाचार से जुड़ी कुछ शिकायतें पहुंची हैं।
हालांकि, फिलहाल इन शिकायतों को लेकर किसी अंतिम कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। बोर्ड मामले की जानकारी और शिकायतों की समीक्षा कर रहा है। आगे की कार्रवाई तथ्यों और बोर्ड की प्रक्रिया के आधार पर तय की जा सकती है।
BCB की महिला समिति ने दी जानकारी
BCB की महिला समिति के चेयरमैन रफीकुल इस्लाम बाबू ने मामले को लेकर बोर्ड की स्थिति सामने रखी। उन्होंने बताया कि हैंडशेक से जुड़ा फैसला बोर्ड की ओर से नहीं लिया गया था।
इससे यह स्पष्ट करने की कोशिश की गई है कि सेमीफाइनल मुकाबले के टॉस के दौरान जो कुछ हुआ, उसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर बोर्ड के निर्देश के रूप में नहीं देखी जानी चाहिए।
भारत-बांग्लादेश सेमीफाइनल में बढ़ा विवाद
विमेंस एशिया कप 2026 का सेमीफाइनल भारत और बांग्लादेश के बीच खेला गया। मुकाबले से पहले टॉस के दौरान दोनों टीमों की कप्तानों के बीच हैंडशेक नहीं होने की घटना ने मैच के क्रिकेट से इतर भी चर्चा पैदा कर दी।
निगार सुल्ताना इससे पहले भी अपने मैदान पर व्यवहार और बयानों को लेकर सुर्खियों में रही हैं। ऐसे में इस घटना के बाद उनके खिलाफ संभावित BCB कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल BCB ने हैंडशेक मामले में किसी तरह की सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई का ऐलान नहीं किया है। बोर्ड के पास पहुंची कथित कदाचार संबंधी शिकायतों पर आगे क्या फैसला लिया जाता है, इस पर निगाहें बनी हुई हैं।
निगार के फैसले पर BCB का रुख साफ
BCB के बयान से इतना साफ है कि बोर्ड टॉस के समय हुए हैंडशेक विवाद को अपना आधिकारिक फैसला नहीं मानता। रफीकुल इस्लाम बाबू ने इसे निगार सुल्ताना का निजी फैसला बताया है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निगार के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के बाद BCB कोई अनुशासनात्मक कदम उठाता है या नहीं। फिलहाल इस मामले में अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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