ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना की बड़ी भूमिका, पाकिस्तान के एयरबेस पर सटीक हमलों से बनाई बढ़त
भारत की सुरक्षा व्यवस्था में भारतीय वायुसेना की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना की भूमिका और अभियान की रणनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान में भारतीय वायुसेना ने सटीक हमलों और मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हुई। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेसिस्टेंस फ्रंट ने ली थी। पाकिस्तान ने हमले में किसी तरह की भूमिका से इनकार किया। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करते हुए लक्षित और नियंत्रित अभियान चलाया।
पाकिस्तानी एयरबेस को बनाया गया निशाना
ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। इनमें नूर खान और रहीम यार खान एयरबेस जैसे स्थान शामिल थे।
रिपोर्ट में बताया गया कि 10 मई 2025 को पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। याकोबाबाद सहित कई स्थानों पर किए गए हमलों में सैन्य बुनियादी ढांचे और विमान संचालन से जुड़े क्षेत्रों को नुकसान पहुंचाने की जानकारी सामने आई।
रिपोर्ट के मुताबिक, याकोबाबाद में कई एफ-16 विमानों के साथ एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान और मानवरहित हवाई प्रणालियों से जुड़े संसाधन भी मौजूद थे।
एयर डिफेंस सिस्टम ने निभाई अहम भूमिका
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की एयर डिफेंस क्षमता भी महत्वपूर्ण रही। रिपोर्ट में स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम के साथ पेचोरा और OSA-AK जैसे एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा भारत के इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) ने विभिन्न सेंसर और रक्षा प्रणालियों के बीच रियल टाइम समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे सुरक्षा एजेंसियों को हवाई क्षेत्र की स्थिति की साझा तस्वीर उपलब्ध कराने में मदद मिली।
S-400 और अन्य प्रणालियों से मजबूत हुई सुरक्षा
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के दौरान भारत ने अपनी उन्नत एयर डिफेंस प्रणालियों का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट में S-400 जैसी लंबी दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली सहित विभिन्न रक्षा क्षमताओं का उल्लेख किया गया है।
भारतीय वायु रक्षा नेटवर्क ने संभावित हवाई खतरों की निगरानी और उनसे निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे संवेदनशील क्षेत्रों और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिली।
IACCS ने किया रियल टाइम समन्वय
ऑपरेशन के दौरान सभी सैन्य और नागरिक सर्विलांस सेंसर को इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़े जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है।
इस व्यवस्था के जरिए सभी संबंधित एजेंसियों और हितधारकों को हवाई क्षेत्र की एक साझा और वास्तविक समय की तस्वीर उपलब्ध कराई गई। इससे कमांड और कंट्रोल व्यवस्था को मजबूत करने तथा तेजी से निर्णय लेने में मदद मिली।
आत्मनिर्भर भारत पर भी जोर
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों के साथ भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया गया है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा तकनीक, हथियार प्रणालियों और सैन्य उपकरणों के विकास एवं उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारतीय वायुसेना के लिए आधुनिक लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। स्वदेशी प्रणालियों के बढ़ते इस्तेमाल को भारत की रक्षा क्षमता मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आतंकवाद के खिलाफ रणनीतिक संदेश
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना गया। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, अभियान ने यह संदेश दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के साथ सैन्य कार्रवाई में संयम और रणनीतिक नियंत्रण भी बनाए रख सकता है।
ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना की सटीक स्ट्राइक क्षमता, एयर डिफेंस नेटवर्क और रियल टाइम कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम का समन्वित इस्तेमाल भारत की सैन्य तैयारियों को दर्शाता है।
रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट में ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है। साथ ही स्वदेशी रक्षा उत्पादन और तकनीकी आत्मनिर्भरता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

