भगवंत मान सरकार पर हमला, पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
चंडीगढ़। पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान की आम आदमी पार्टी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं और सरकार आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रही है।
विपक्ष का यह हमला बरनाला जिले के फरवाही गांव में पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के घर के बाहर हुई फायरिंग के बाद तेज हुआ है। रविवार तड़के तीन नकाबपोश हमलावरों ने गायक के आवास पर कई गोलियां चलाईं। घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, हालांकि गोलियां घर के गेट में लगीं। घटना के समय गुलाब सिद्धू विदेश में थे और उनके परिवार के सदस्य घर पर मौजूद थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुलाब सिद्धू के घर फायरिंग पर उठे सवाल
गुलाब सिद्धू के घर फायरिंग की घटना ने पंजाब में कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में तीन नकाबपोश लोगों को फायरिंग करते हुए देखा गया है। पुलिस हमलावरों की पहचान और घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
इसी घटना को आधार बनाते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क पर प्रभावी तरीके से लगाम लगाने में नाकाम रही है। बाजवा ने कहा कि जब सार्वजनिक रूप से चर्चित लोगों को भी सुरक्षा को लेकर चिंता हो, तो आम नागरिकों के बीच भय की स्थिति को समझा जा सकता है।
सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने में नाकामी का आरोप
प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को कानून-व्यवस्था की स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।
बाजवा ने संगठित अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ सरकार की रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से अपराध पर नियंत्रण को लेकर किए गए दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
पंजाब में चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बना बड़ा मुद्दा
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कानून-व्यवस्था का मुद्दा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होता जा रहा है। विपक्षी दल सरकार को अपराध, नशे और गैंगस्टर गतिविधियों के मुद्दे पर घेर रहे हैं।
भगवंत मान सरकार जहां अपने शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
आम लोगों की सुरक्षा पर जोर
विपक्ष का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों, कारोबारियों, कलाकारों और अन्य लोगों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने के लिए पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
गुलाब सिद्धू के घर हुई फायरिंग की जांच जारी है और हमलावरों की पहचान तथा घटना के पीछे के मकसद को लेकर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
भगवंत मान सरकार पर विपक्ष के इस हमले ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। अब सरकार और पुलिस की ओर से इस घटना तथा राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सबकी नजर है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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