अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल कैदी हमला: 2 लाख रुपये रिश्वत का आरोप, पत्नी ने मांगी पति की सुरक्षा
अजमेर: अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद कैदी धनसिंह उर्फ धनप्रताप सिंह को लेकर उसकी पत्नी भवनेश्वरी उर्फ रिंकु कंवर ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी ने अजमेर के जिला पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने पति की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि धनसिंह से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। पत्नी का दावा है कि रकम देने से इनकार करने के बाद उसके पति के साथ दोबारा जानलेवा हमला करवाने की धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और शिकायत के आधार पर मामले की जांच की मांग की गई है।
16 जून को जेल में चाकूबाजी का आरोप
भवनेश्वरी उर्फ रिंकु कंवर की शिकायत के मुताबिक, धनसिंह पिछले करीब 10 महीने से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है। पत्नी ने आरोप लगाया कि 16 जून 2026 को जेल में बंद श्रवण और आनंद नाम के कैदियों ने धनसिंह के साथ चाकूबाजी की और उसे जान से मारने की कोशिश की।
शिकायतकर्ता का दावा है कि जेल परिसर में हुई यह घटना CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुई थी। पत्नी के मुताबिक, इसके बावजूद कार्रवाई कथित हमलावरों के बजाय धनसिंह के खिलाफ की गई और उसे करीब एक महीने की अतिरिक्त सजा दी गई।
अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में भी 16 जून की घटना और उसके बाद धनसिंह की सुरक्षा को लेकर पत्नी की शिकायत का उल्लेख किया गया है।
जेल अधिकारियों पर भी लगाए आरोप
शिकायत में तत्कालीन जेल अधीक्षक सुखराम और चीफ हेमराज की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। पत्नी का कहना है कि जिस घटना में उनके पति पर हमला होने का दावा किया गया, उसमें कार्रवाई का सामना धनसिंह को ही करना पड़ा।
परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 16 जून की घटना में वास्तव में क्या हुआ था और उसके बाद जेल प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की गई।
कांस्टेबल पर 2 लाख रुपये मांगने का आरोप
शिकायत में कांस्टेबल युवराज को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पत्नी के मुताबिक, कांस्टेबल ने धनसिंह से संपर्क किया और कथित तौर पर 2 लाख रुपये देने की मांग की।
आरोप है कि धनसिंह ने रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसके साथ दोबारा हमला करवाने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसके बाद करीब एक महीने तक धनसिंह की मुलाकात और जेल से फोन करने की सुविधा भी बंद रही।
यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में धनसिंह को उन्हीं कैदियों के साथ एक ही बैरक में रखा गया, जिन पर पहले उसके साथ हमला करने का आरोप लगाया गया था। परिवार ने इसी वजह से उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
पत्नी से मुलाकात में बताई पूरी बात
भवनेश्वरी के मुताबिक, 17 सितंबर को जब वह अपने पति से मुलाकात करने जेल पहुंचीं तो धनसिंह ने उन्हें दोबारा मारपीट किए जाने की जानकारी दी। शिकायत में कहा गया है कि धनसिंह ने पत्नी को बताया कि वह पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर है।
इससे पहले 19 सितंबर की रिपोर्टों में भी धनसिंह की पत्नी की ओर से उसके पति की सुरक्षा को लेकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत किए जाने और भूख हड़ताल का दावा सामने आया था।
परिवार का कहना है कि जेल में बंद धनसिंह की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए और पूरे मामले की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
पत्नी ने SP से की ये मांगें
धनसिंह की पत्नी ने जिला पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कथित तौर पर रिश्वत मांगने, धमकी देने और जेल में हमले से जुड़े आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिवार की प्रमुख चिंता धनसिंह की सुरक्षा को लेकर है। पत्नी ने आशंका जताई है कि अगर उसे उन्हीं कैदियों के साथ रखा गया, जिन पर पहले हमला करने का आरोप है, तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।
मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पत्नी ने पुलिस प्रशासन से शिकायत कर कार्रवाई और अपने पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
जेल प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस मामले ने हाई सिक्योरिटी जेल की सुरक्षा और कैदियों के बीच होने वाली हिंसा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर यह आरोप गंभीर है कि जेल में हुई कथित चाकूबाजी की घटना CCTV में रिकॉर्ड होने के बावजूद कार्रवाई को लेकर विवाद पैदा हुआ।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों को जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जा सकता। यह जांच का विषय है कि 16 जून को जेल के अंदर क्या हुआ, किसने हमला किया, प्रशासन ने क्या कार्रवाई की और 2 लाख रुपये की कथित मांग के पीछे कोई वास्तविकता थी या नहीं।
अब परिवार की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जांच पूरी होने तक धनसिंह की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

