रणदीप हुड्डा स्वातंत्र्य वीर सावरकर: नेशनल अवॉर्ड मिलने पर बोले- इस कहानी को सामने लाना जरूरी था
नई दिल्ली: अभिनेता रणदीप हुड्डा के लिए 22 सितंबर 2026 का दिन खास रहा। उनकी फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के लिए उन्हें 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर का पुरस्कार मिला। यह उनके निर्देशन करियर की पहली फिल्म है। पुरस्कार समारोह गुजरात के एकता नगर में आयोजित हुआ, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को सम्मानित किया।
पहली फिल्म के निर्देशन के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान
‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ रणदीप हुड्डा की बतौर निर्देशक पहली फिल्म है। फिल्म में उन्होंने विनायक दामोदर सावरकर की भूमिका भी निभाई है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा जुलाई 2026 में की गई थी, जिसमें रणदीप हुड्डा को बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर चुना गया था।
रणदीप हुड्डा ने गुजरात पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यह उनका पहला नेशनल अवॉर्ड है और उन्होंने इसके लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके लिए इस सम्मान का हिस्सा बनना बेहद खास है।
क्यों बनाई वीर सावरकर पर फिल्म?
अवॉर्ड समारोह से पहले रणदीप हुड्डा ने फिल्म और सावरकर की कहानी को पर्दे पर लाने की वजह पर बात की। उनके मुताबिक, वह स्वतंत्रता आंदोलन के उस पहलू को सामने लाना चाहते थे, जिसे वह सशस्त्र क्रांतिकारी संघर्ष से जोड़ते हैं।
रणदीप ने कहा कि उनके हिसाब से यह बताना जरूरी है कि भारत की आजादी की कहानी को केवल एक ही तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सशस्त्र क्रांति के योगदान की ओर भी ध्यान दिलाया।
यह रणदीप हुड्डा का व्यक्तिगत दृष्टिकोण है। इतिहासकारों और अलग-अलग सार्वजनिक व्यक्तियों के बीच सावरकर तथा स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं रही हैं।
फिल्म के लिए रणदीप ने झेली कई मुश्किलें
रणदीप हुड्डा पहले भी बता चुके हैं कि ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ को बनाने में उन्हें काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 2024 में आजतक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि उन्होंने फिल्म में अपना पैसा भी लगाया था और करीब दो साल तक इस प्रोजेक्ट पर काम किया।
फिल्म उनके लिए सिर्फ अभिनय का प्रोजेक्ट नहीं थी। उन्होंने इसमें अभिनेता के साथ-साथ लेखक और निर्देशक की जिम्मेदारी भी संभाली। 2026 में नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने उनसे बहुत कुछ मांगा और उन्होंने सावरकर की कहानी को ईमानदारी से सामने रखने की जिम्मेदारी महसूस की।
सावरकर के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संदर्भ
फिल्म से जुड़े प्रचार के दौरान रणदीप हुड्डा ने सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस समेत अन्य क्रांतिकारियों के बीच वैचारिक प्रभाव से जुड़े दावे भी किए थे। इन दावों पर सार्वजनिक रूप से मतभेद सामने आए थे। नेताजी के रिश्तेदार चंद्र कुमार बोस ने फिल्म से जुड़े ऐतिहासिक चित्रण पर आपत्ति जताते हुए इतिहास को विकृत न करने की बात कही थी।
रणदीप हुड्डा ने अपने इंटरव्यू में सावरकर की भूमिका और उनके स्वतंत्रता संघर्ष से जुड़े दृष्टिकोण को लेकर अपनी बात रखी थी। वहीं, इन ऐतिहासिक दावों की व्याख्या को लेकर सार्वजनिक स्रोतों में मतभेद मौजूद हैं।
गुजरात में हुआ 72वां नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह
इस साल राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन पहली बार दिल्ली के बाहर गुजरात के एकता नगर में किया गया। 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में 2024 में प्रमाणित फिल्मों को सम्मानित किया गया।
इस समारोह में ‘आर्टिकल 370’ को बेस्ट फीचर फिल्म का पुरस्कार मिला, जबकि यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस और कार्तिक आर्यन तथा ममूटी को संयुक्त रूप से बेस्ट एक्टर का पुरस्कार मिला। अनंत नाग को 2024 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार दिया गया।
रणदीप हुड्डा के लिए इस समारोह की सबसे बड़ी उपलब्धि उनकी पहली निर्देशित फिल्म के लिए मिला राष्ट्रीय पुरस्कार रहा। अभिनेता से निर्देशक बने रणदीप ने अब अपने फिल्मी करियर में एक नई भूमिका भी दर्ज कर ली है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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