ग्रेटर नोएडा बस हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से गुरुवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जब यमुना एक्सप्रेसवे पर चल रही एक स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगते ही बस में सवार यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई और अपनी जान बचाने के लिए कई लोगों ने बस से कूदकर बाहर निकलने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार, हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के जेवर क्षेत्र के पास हुआ। बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे और वह अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। अचानक बस से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि यात्रियों में दहशत फैल गई। कई यात्रियों ने खिड़कियों और इमरजेंसी गेट के जरिए बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि आग लगते ही यात्रियों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोगों ने बस से कूदकर बाहर निकलना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि समय रहते अधिकांश यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है।
घटना के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाया। पुलिस अधिकारियों ने बस मालिक और परिवहन विभाग से भी घटना से संबंधित जानकारी मांगी है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा बस हादसे का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार और राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन को घटना की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश भी दिए हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर इस प्रकार की घटनाओं ने एक बार फिर यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी दूरी की बसों की नियमित फिटनेस जांच और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।

