करनाल मजार विवाद: तंत्र-मंत्र के आरोपों पर स्थानीय लोगों का विरोध, पुलिस जांच में जुटी
करनाल: हरियाणा के करनाल में कर्ण विहार की गली नंबर 29 में एक मजार को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि रिहायशी इलाके में करीब डेढ़ साल से हुकम जी दरबार के नाम पर गतिविधियां चल रही थीं और यहां तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा था। विरोध के दौरान मजार के ढांचे को नुकसान पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
डेढ़ साल से चल रही थीं गतिविधियां, लोगों ने जताई आपत्ति
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कर्ण विहार में जिस जगह को लेकर विवाद हुआ, वहां करीब डेढ़ साल पहले खाली जमीन पर शुरुआत में कुछ ईंटें रखी गई थीं। इसके बाद धीरे-धीरे वहां टाइल और स्टील की ग्रिल लगाकर ढांचा तैयार किया गया।
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि बाद में इस जगह पर देर रात तक लोगों की आवाजाही होने लगी। कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि हुकम जी दरबार के नाम से रात में दरबार लगाए जाते थे और देर रात तक गतिविधियां चलती थीं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
तंत्र-मंत्र के नाम पर गुमराह करने का आरोप
विवाद की मुख्य वजह स्थानीय लोगों की ओर से लगाए गए तंत्र-मंत्र और कथित तांत्रिक गतिविधियों के आरोप हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक आस्था की आड़ में अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा था।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि उनका विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे रिहायशी क्षेत्र में कथित संदिग्ध गतिविधियों और अंधविश्वास फैलाने के आरोपों की जांच चाहते हैं। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले इन आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
विरोध के दौरान मजार के ढांचे को नुकसान
मंगलवार को स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। विरोध के दौरान मजार के ढांचे को तोड़े जाने की जानकारी सामने आई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और हाथापाई की स्थिति बनने की भी रिपोर्ट है।
मामला बढ़ने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था संभाली। पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित जगह पर किस तरह की गतिविधियां संचालित हो रही थीं, ढांचे का निर्माण कब और कैसे हुआ तथा स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
पुलिस की प्राथमिकता फिलहाल इलाके में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उपलब्ध रिपोर्टों में जांच के अंतिम निष्कर्ष या आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
कथित संचालक के फरार होने की बात
स्थानीय लोगों के अनुसार, विरोध और मामले की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद कथित संचालक अपने मकान पर ताला लगाकर वहां से चला गया। पुलिस अब संबंधित व्यक्ति और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
प्रशासन से जांच की मांग
विवाद के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण या गतिविधियों से जुड़े किसी नियम का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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