SIR में खास जरूरत वाले वोटरों को लेकर EC के खास निर्देश, दिव्यांग-बुजुर्ग और पत्रकारों को मिलेगी सुविधा
निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया के दौरान खास जरूरत वाले मतदाताओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के मुताबिक उसकी प्राथमिकता सूची में सामान्य मतदाताओं के साथ दिव्यांग मतदाता, 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दिग्गज कलाकार, खिलाड़ी, सार्वजनिक सेवा से जुड़े अधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार जैसे पहले से चिन्हित वर्ग भी शामिल हैं।
आयोग के अनुसार इन मतदाताओं को गणना फॉर्म भरने, नोटिस का जवाब देने और जरूरत पड़ने पर अपील करने की प्रक्रिया में परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों को समय-समय पर विशेष निर्देश जारी किए जाते हैं। बिहार में SIR की शुरुआत के समय जारी SOP में भी ऐसे विशेष वर्ग के मतदाताओं का स्पष्ट उल्लेख किया गया था। दिल्ली में लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी से जुड़े नोटिस जारी किए जाने के बीच बूथ लेवल अधिकारियों को भी इन प्रावधानों की याद दिलाते हुए सर्कुलर जारी किया गया है।
किन मतदाताओं को विशेष सुविधा?
आयोग ने जिन वर्गों का उल्लेख किया है, उनमें दिव्यांग मतदाता, 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग, दिग्गज कलाकार, खिलाड़ी, सार्वजनिक सेवा से जुड़े अधिकारी और वरिष्ठ पत्रकार शामिल हैं। इसके अलावा न्यायपालिका के सदस्य, जनप्रतिनिधि और घोषित पदों पर मौजूद ऐसे लोगों को भी विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जिनका विवरण चुनावी डेटाबेस में पहले से दर्ज है।
इन मतदाताओं के लिए प्रक्रिया का उद्देश्य यह है कि उन्हें SIR के दौरान फॉर्म जमा करने, नोटिस का जवाब देने या दावा-आपत्ति की प्रक्रिया में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
2025 की SIR नियमावली में क्या है प्रावधान?
निर्वाचन आयोग ने 2025 में जारी SIR नियमावली का भी हवाला दिया है। इसके मुताबिक ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार करते समय निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी यानी ERO उन मतदाताओं को शामिल करेगा, जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं।
गणना प्रपत्र मिलने के साथ ही ERO और AERO संदिग्ध पात्रता वाले मामलों की जांच शुरू कर सकते हैं। हालांकि अंतिम निर्णय ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान लिया जाता है।
फॉर्म नहीं मिलने पर क्या होगा?
नियमों के अनुसार, जिन मौजूदा मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं, उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जाएंगे। हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि उनका नाम हमेशा के लिए मतदाता सूची से बाहर हो जाएगा।
यदि कोई मतदाता निर्धारित अवधि में अपना भरा हुआ गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाता है, तो दावा और आपत्ति की अवधि के दौरान Form-6 के जरिए अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके साथ निर्धारित घोषणा प्रपत्र भी जमा करना होता है।
विशेष वर्ग के नाम ड्राफ्ट में शामिल करने के निर्देश
आयोग ने स्पष्ट किया है कि न्यायपालिका, जनप्रतिनिधियों, घोषित पदों पर मौजूद लोगों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों से जुड़े पहले से चिन्हित लोगों के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए जाने हैं।
आयोग के अनुसार इसका उद्देश्य यह है कि दावा-आपत्ति की अवधि के दौरान जरूरत पड़ने पर संबंधित मतदाताओं से जुड़े जरूरी दस्तावेज जुटाए जा सकें और उन्हें SIR प्रक्रिया में अनावश्यक दिक्कत न हो।
बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए सहायता
SIR से जुड़े आधिकारिक दिशा-निर्देशों में भी बुजुर्ग, बीमार, दिव्यांग और अन्य संवेदनशील वर्ग के मतदाताओं को सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। स्थानीय स्तर पर हेल्प डेस्क और स्वयंसेवकों की मदद से पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया समझाने और उन्हें परेशानी से बचाने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
इस तरह चुनाव आयोग का जोर SIR प्रक्रिया के दौरान विशेष जरूरत वाले और पहले से चिन्हित वर्गों के मतदाताओं को फॉर्म जमा करने से लेकर दावा-आपत्ति और अपील की प्रक्रिया तक आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने पर है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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