दीप सिंह लखनऊ मुख्य संवाददाता दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच के बाद करीब 74 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई है। पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ एंटी करप्शन कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया है। चार्जशीट में 133 गवाहों के बयान का उल्लेख है। पुलिस के मुताबिक, जांच में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड, बरामद नकदी और गवाहों के बयान समेत कई साक्ष्यों को शामिल किया गया है।
3 जून को पहली बार पकड़ी गई चोरी
जांच के मुताबिक, राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती के दौरान चोरी का मामला सामने आया था। चार्जशीट में दर्ज घटनाक्रम के अनुसार, 3 जून को पहली बार चोरी पकड़ी गई। इसके अगले दिन 4 जून को भी ऐसी घटना सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, 4 जून को गणना कर्मी संत प्रसाद वर्मा ने अविनाश शुक्ला को चोरी करते हुए देख लिया था। इसी दौरान गणना कक्ष से जुड़े कर्मचारियों के बीच संदेह बढ़ा और परिसर से बाहर निकलने वाले कर्मचारियों की जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान गणना कक्ष के बाथरूम से करीब 2.25 लाख रुपये बरामद हुए। जांच में यह भी सामने आया कि बरामद रकम को कथित तौर पर छिपाया गया था। एक गवाह के मुताबिक, बरामद नकदी का वीडियो चंपत राय को भेजा गया था। चार्जशीट में उनके बयान का भी उल्लेख किया गया है।
4 जून को चंपत राय को मिली जानकारी
चार्जशीट के मुताबिक, 4 जून को चंपत राय को चोरी की जानकारी हो गई थी। अगले दिन यानी 5 जून को उन्हें गणना कक्ष की सीसीटीवी फुटेज भी दिखाई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।
पुलिस की चार्जशीट में 200 से ज्यादा सीसीटीवी घटनाओं का उल्लेख होने की बात सामने आई है। इनमें आरोपियों द्वारा कथित तौर पर नकदी निकालने या दूसरे लोगों की मदद करने से जुड़े दृश्य शामिल हैं। जांच एजेंसी ने इन फुटेज को मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों के साथ जोड़कर अपनी जांच आगे बढ़ाई।
करीब 79.8 लाख रुपये की नकदी बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने सात आरोपियों से करीब 79.8 लाख रुपये की नकदी बरामद होने की जानकारी दी है। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर, चांदी और सोने के आभूषण भी बरामद किए जाने की बात चार्जशीट से सामने आई है।
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बरामद रकम में अविनाश शुक्ला से करीब 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से करीब 18.07 लाख रुपये और अनुकल्प मिश्रा से करीब 16.82 लाख रुपये जुड़े बताए गए हैं। पुलिस ने कथित तौर पर नकदी के अलावा संपत्ति और वाहन खरीद से जुड़े पहलुओं की भी जांच की है।
8 लोगों को बनाया गया आरोपी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टीनू शामिल हैं।
जांच के दौरान आरोपियों की भूमिका को लेकर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की गई। चार्जशीट में अलग-अलग आरोपियों के संबंध में चोरी करने या चोरी में मदद करने के आरोपों का विवरण दर्ज किया गया है।
किसने कितनी बार चोरी में मदद की?
चार्जशीट में आरोपियों की कथित भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, लव कुश मिश्रा ने कथित तौर पर एक बार चोरी की और 52 बार चोरी में मदद की। अनुकल्प मिश्रा 56 बार कथित तौर पर चोरी में मदद करते हुए दिखाई दिया। रमाशंकर मिश्रा पर एक बार चोरी करने का आरोप है।
इन दावों का आधार पुलिस द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज और अन्य जांच साक्ष्य बताए गए हैं। अंतिम दोष या निर्दोषता का निर्धारण अदालत में होने वाली न्यायिक प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर होगा।
चंपत राय और अनिल मिश्रा आरोपी नहीं, गवाह
चार्जशीट को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा को आरोपी नहीं बनाया गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उनका नाम गवाहों की सूची में दर्ज है। गोपाल राव और कृष्ण मोहन समेत अन्य लोगों के नाम भी गवाहों के तौर पर बताए गए हैं।
इस मामले में कुछ अधिवक्ताओं ने गवाह बनाए गए लोगों को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, ये सवाल और आरोप अधिवक्ताओं की ओर से उठाए गए हैं और इनका अंतिम निर्धारण अदालत की प्रक्रिया में होगा।
चार्जशीट में 133 गवाहों का उल्लेख
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक, मुख्य चार्जशीट 59 पन्नों की है, जबकि दस्तावेजों और संलग्न सामग्री के साथ पूरा चार्जशीट रिकॉर्ड करीब 74 हजार पन्नों का है। इसमें 133 गवाहों का उल्लेख किया गया है।
एंटी करप्शन कोर्ट ने चार्जशीट का संज्ञान ले लिया है। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोप तय करने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
कुछ धाराओं में बदलाव
चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ लगाई गई कुछ धाराओं में बदलाव भी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी आठ आरोपियों से भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 305 और 306 हटाई गई हैं। सुभाष श्रीवास्तव पर लगी धारा 317(2) भी हटाई गई है। धाराओं में बदलाव के बाद आरोपियों को जमानत प्रक्रिया में नए सिरे से आवेदन करने का अवसर मिल सकता है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस ने नकदी की बरामदगी, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को आधार बनाया है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की अगली कार्रवाई अदालत में होगी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
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