दीप सिंह लखनऊ मुख्य संवाददाता दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
India-US Trade Deal: 90% से ज्यादा काम पूरा, जल्द हो सकता है ऐलान; पीयूष गोयल ने भी दिए संकेत
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार वार्ता अब निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। एक वरिष्ठ अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा है कि India-US Trade Deal करीब 90 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम मुद्दों पर सहमति बनाने का काम बाकी है। अधिकारी के मुताबिक, दोनों देशों के बीच व्यापार समझौता जल्द सामने आ सकता है।
अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा?
वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। उन्होंने संकेत दिया कि अंतिम दौर के कुछ मुद्दों पर काम किया जा रहा है और जल्द ही इस दिशा में कोई महत्वपूर्ण घोषणा देखने को मिल सकती है।
अधिकारी के मुताबिक, व्यापार दोनों देशों के संबंधों में लंबे समय से प्रमुख अड़चन रहा है। यदि समझौता अंतिम रूप लेता है तो इससे भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों को और विस्तार मिलने की संभावना है।
कब साइन हो सकती है डील?
जब अधिकारी से पूछा गया कि समझौते पर हस्ताक्षर कब तक हो सकते हैं, तो उन्होंने निश्चित तारीख बताने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि अंतिम बिंदुओं पर बातचीत जारी है और आने वाले समय में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्ष अभी समझौते के अंतिम विवरण को लेकर बातचीत कर रहे हैं। इसलिए फिलहाल हस्ताक्षर की निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
पीयूष गोयल भी दे चुके हैं संकेत
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर कहा था कि यह लगभग पूरा हो चुका है। 24 सितंबर को गोयल ने इसे “done and dusted” बताते हुए कहा था कि समझौते को लागू करने से पहले भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त सुनिश्चित करने से जुड़े मुद्दों पर काम किया जाना है।
गोयल के मुताबिक, भारत की प्राथमिकता यह है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में उचित और प्रतिस्पर्धी परिस्थितियां मिलें। इसके बाद समझौते को तेजी से लागू किया जा सकता है।
पहले भी बन चुका है व्यापार समझौते का ढांचा
भारत और अमेरिका ने फरवरी 2026 में द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण के लिए एक अंतरिम ढांचे की घोषणा की थी। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, इस ढांचे में दोनों देशों के बीच टैरिफ और बाजार पहुंच से जुड़े कई प्रावधान शामिल किए गए थे।
फरवरी में जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, अमेरिका ने भारत से आने वाले कई उत्पादों पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ लागू करने की बात कही थी, जबकि भारत ने अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कई कृषि उत्पादों पर शुल्क कम करने या हटाने की दिशा में प्रतिबद्धताएं जताई थीं।
भारत-अमेरिका व्यापार के लिए क्यों अहम है यह डील?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बाजारों में वस्तुओं और सेवाओं की पहुंच को बेहतर बनाना है। इसके तहत टैरिफ, गैर-टैरिफ बाधाओं, डिजिटल व्यापार, बाजार पहुंच और आपूर्ति श्रृंखला जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई है।
अमेरिकी पक्ष की ओर से जारी दस्तावेजों में ऊर्जा, सूचना एवं संचार तकनीक, कोयला और अन्य उत्पादों की अमेरिकी खरीद बढ़ाने की बात भी शामिल रही है। साथ ही दोनों देशों ने तकनीकी सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर जोर दिया है।
अब अंतिम चरण में क्या बाकी?
फिलहाल मुख्य फोकस उन अंतिम मुद्दों पर है जिन पर दोनों देशों को सहमति बनानी है। अमेरिकी अधिकारी के 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने के बयान और पीयूष गोयल के हालिया संकेतों से स्पष्ट है कि बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन औपचारिक हस्ताक्षर और अंतिम शर्तों की घोषणा अभी बाकी है।
यदि दोनों पक्ष शेष मुद्दों पर सहमति बना लेते हैं, तो यह समझौता भारत-अमेरिका के व्यापारिक संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण अगला कदम हो सकता है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
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