फतेहपुर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से घर ढहा, मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सोमवार को गैस सिलेंडर फटने से बड़ा हादसा हो गया। मालवा थाना क्षेत्र के एक कस्बे में खाना बनाते समय सिलेंडर में विस्फोट हो गया, जिसके बाद पूरा मकान ढह गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। पुलिस के साथ स्थानीय लोग भी मलबे में दबे लोगों को तलाशने और उन्हें बाहर निकालने में जुटे हुए हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हादसे के समय घर के अंदर कितने लोग मौजूद थे।
खाना बनाते समय हुआ सिलेंडर ब्लास्ट
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सोमवार को मालवा थाना क्षेत्र के एक कस्बे में एक घर में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर फट गया। विस्फोट इतना तेज था कि मकान ढह गया और उसका मलबा चारों तरफ फैल गया।
सिलेंडर किस वजह से फटा, इसकी अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना के कारणों की जांच कर रही हैं।
मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका
मकान के अचानक ढहने के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। पुलिस और स्थानीय लोग लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। राहत अभियान के दौरान सावधानी बरती जा रही है, ताकि मलबे में फंसे किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
अभी तक पुलिस ने यह पुष्टि नहीं की है कि मलबे से कितने लोगों को बाहर निकाला गया है या हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं। प्रशासन की ओर से बचाव अभियान जारी है।
सीएम योगी ने लिया हादसे का संज्ञान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में हुए इस हादसे का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की है।
प्रशासन की टीमें मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में जान-माल के नुकसान की पूरी जानकारी राहत एवं बचाव अभियान आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह खबर 28 सितंबर 2026 शाम तक उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बचाव अभियान जारी होने के कारण मृतकों, घायलों या फंसे लोगों की संख्या में बाद में बदलाव संभव है।

