ईरान में महिलाओं की सैन्य ट्रेनिंग: हिजाब में AK-47 थामे नजर आईं महिलाएं, 1000 बटालियन की तैयारी
तेहरान: ईरान में महिलाओं को सैन्य प्रशिक्षण दिए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह अभियान चर्चा में है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और उससे जुड़े बसीज संगठन के ‘जनफदा’ (Janfada) अभियान के तहत महिला स्वयंसेवकों को हथियारों के इस्तेमाल, प्राथमिक चिकित्सा और आपात परिस्थितियों से निपटने जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, यह प्रशिक्षण ईरान की व्यापक नागरिक लामबंदी योजना का हिस्सा है।
हिजाब में AK-47 के साथ दिखीं महिलाएं
ईरानी मीडिया और सामने आए वीडियो में कुछ महिलाएं पारंपरिक पोशाक और हिजाब में सैन्य प्रशिक्षण लेती दिखाई दे रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को हथियारों से जुड़े अभ्यास और सैन्य गतिविधियों की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान में जनफदा प्रशिक्षण केंद्र पर महिलाओं ने व्याख्यानों के साथ व्यावहारिक अभ्यास में भी हिस्सा लिया।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों से यह संकेत मिलता है कि इसे अलग महिला सेना के गठन के तौर पर नहीं, बल्कि जनफदा अभियान के तहत पुरुषों और महिलाओं दोनों को शामिल करने वाली व्यापक स्वयंसेवी व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।
क्या है जनफदा अभियान?
‘जनफदा’ ईरान की नागरिक लामबंदी और राष्ट्रीय रक्षा से जुड़ी पहल है। इसके तहत आम नागरिकों को आपात स्थिति, युद्ध और राहत कार्यों के लिए प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, इस अभियान का लक्ष्य देशभर में 1,000 ‘पॉपुलर नेशनल रेजिस्टेंस बटालियन’ और आपात प्रतिक्रिया से जुड़ी इकाइयां तैयार करना है। प्रशिक्षण को अलग-अलग स्तरों पर आयोजित किए जाने की योजना है।
ईरानी अधिकारियों की ओर से अभियान को राष्ट्रीय तैयारी और देश की सुरक्षा में नागरिक भागीदारी बढ़ाने के प्रयास के रूप में पेश किया गया है। वहीं कुछ स्वतंत्र रिपोर्टों में इसके सुरक्षा और सामाजिक प्रभाव को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने आए हैं।
महिलाओं के लिए क्या है प्रशिक्षण?
महिलाओं के लिए आयोजित प्रशिक्षण में सैन्य कौशल के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा, कठिन परिस्थितियों में जीवित रहने की तकनीक और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसी गतिविधियों को शामिल किए जाने की रिपोर्ट है। कुछ रिपोर्टों में शहरी युद्ध की परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण का भी उल्लेख किया गया है।
इसका एक उद्देश्य यह बताया जा रहा है कि संकट की स्थिति में प्रशिक्षित स्वयंसेवक स्थानीय स्तर पर सहायता और रक्षा गतिविधियों में योगदान दे सकें। महिलाओं की भागीदारी इस अभियान के उस व्यापक स्वरूप को दिखाती है, जिसमें नागरिकों को राष्ट्रीय आपात स्थिति के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
1000 बटालियन बनाने की योजना
जनफदा अभियान के तहत ईरान ने देशभर में 1,000 राष्ट्रीय प्रतिरोध बटालियन बनाने की योजना की घोषणा की है। रिपोर्टों के अनुसार, इन बटालियनों में स्वयंसेवकों को संगठित कर उन्हें युद्ध और आपात परिस्थितियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
सितंबर में तेहरान में हुए अभ्यासों में बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसके बाद प्रशिक्षण कार्यक्रमों को दूसरे प्रांतों तक विस्तार देने की बात सामने आई है।
सिर्फ हथियार चलाने तक सीमित नहीं अभियान
जनफदा कार्यक्रम को केवल हथियार प्रशिक्षण के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्टों में सैन्य तैयारी के साथ राहत एवं बचाव कार्य, प्राथमिक चिकित्सा और आपात प्रतिक्रिया को भी अभियान का हिस्सा बताया गया है। ईरान में स्वयंसेवकों को अलग-अलग भूमिकाओं के लिए संगठित करने की योजना है।
रिपोर्टों के अनुसार, अभियान में शामिल लोगों के लिए सैन्य एवं सुरक्षा गतिविधियों के अलावा खोज-बचाव और सामाजिक सेवाओं जैसी जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। इससे इसका दायरा नियमित सैन्य प्रशिक्षण से आगे नागरिक आपात प्रतिक्रिया तक जाता है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी नागरिक तैयारी
ईरान में यह अभियान ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव और बाहरी सुरक्षा चुनौतियों को लेकर तेहरान की चिंता बढ़ी हुई है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक नागरिकों को प्रशिक्षित करने का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर तैयारी और संकट के समय प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करना है।
हालांकि, अभियान को लेकर अलग-अलग स्रोतों में इसके उद्देश्य और संभावित प्रभाव की अलग-अलग व्याख्याएं मिलती हैं। कुछ रिपोर्टें इसे नागरिक रक्षा और राष्ट्रीय लामबंदी के रूप में देखती हैं, जबकि आलोचकों ने नागरिकों के सैन्यीकरण और हथियार प्रशिक्षण को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल उठाए हैं। इन दावों और व्याख्याओं के बीच आधिकारिक रूप से घोषित कार्यक्रम का मुख्य हिस्सा नागरिक स्वयंसेवकों को सैन्य और आपातकालीन प्रशिक्षण देकर संगठित करना है।
आगे क्या?
ईरान की योजना के मुताबिक जनफदा अभियान को राजधानी तेहरान से आगे देश के अन्य हिस्सों तक ले जाया जाना है। 1,000 बटालियन तैयार करने का लक्ष्य पूरा होने के बाद इन स्वयंसेवी समूहों को आपात स्थिति और संभावित संघर्ष के दौरान इस्तेमाल किए जाने की योजना बताई गई है।
महिलाओं को इस प्रशिक्षण में शामिल किया जाना इस अभियान के विस्तार का एक अहम हिस्सा है। फिलहाल सामने आई जानकारी के आधार पर यह एक व्यापक नागरिक लामबंदी कार्यक्रम है, जिसमें महिलाओं को भी सैन्य, राहत और आपातकालीन भूमिकाओं के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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