झांसी सुखनई नदी हादसा: पितृपक्ष में तर्पण करने पहुंचे परिवार के 5 लोगों की मौत, एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के मऊरानीपुर क्षेत्र में पितृपक्ष के दौरान एक दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। मंगलवार को देवरी सिंहपुरा गांव के पास सुखनई नदी में तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए पहुंचे एक ही परिवार के पांच लोगों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद देर रात पांचों शवों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।
मृतकों की पहचान अनूप तिवारी, उनके 13 वर्षीय बेटे अर्पित तिवारी, अभिनव तिवारी, श्रेयांश तिवारी और रिश्तेदार पुष्कर शुक्ला के रूप में हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में कुछ मृतकों की उम्र में मामूली अंतर बताया गया है, लेकिन सभी रिपोर्टें इस बात की पुष्टि करती हैं कि हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की जान गई।
तर्पण के लिए नदी घाट पहुंचा था परिवार
परिवार के लोग पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए धार्मिक अनुष्ठान और तर्पण करने सुखनई नदी के घाट पर पहुंचे थे। परिवार ने सोमवार को श्राद्ध कार्यक्रम में हिस्सा लिया था और मंगलवार को उससे जुड़े अनुष्ठान के लिए नदी किनारे गया था।
बताया गया कि अनुष्ठान के दौरान परिवार के सदस्य नदी में स्नान और जल अर्पित कर रहे थे। इसी दौरान एक सदस्य गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देखकर परिवार के अन्य लोग बचाने के लिए पानी में उतर गए। देखते ही देखते एक के बाद एक पांच लोग गहरे पानी की चपेट में आ गए।
एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में पांचों डूबे
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नदी में एक व्यक्ति का पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने के बाद वह गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने की कोशिश में अन्य परिजन भी नदी में उतरते चले गए। नदी के गहरे हिस्से में पहुंचने के कारण सभी पानी में डूब गए।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाशी अभियान शुरू किया गया। काफी प्रयास के बाद पांचों लोगों को पानी से बाहर निकाला गया।
अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
रेस्क्यू के बाद सभी पांचों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊरानीपुर ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू की।
मृतकों में 13 वर्षीय अर्पित भी शामिल था। उसके अलावा अनूप तिवारी, अभिनव तिवारी, श्रेयांश तिवारी और जालौन जिले से आए रिश्तेदार पुष्कर शुक्ला की भी हादसे में मौत हुई।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
हादसे की सूचना मिलते ही मऊरानीपुर के उपजिलाधिकारी मनोज कुमार भारती और क्षेत्राधिकारी रत्नेश्वर सिंह समेत पुलिस एवं प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों की निगरानी में रेस्क्यू अभियान चलाया गया और शवों को बाहर निकालने का काम पूरा कराया गया।
झांसी के जिलाधिकारी गौरांग राठी और एसएसपी विकास कुमार समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने भी घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हादसे का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को पीड़ित परिवारों से संपर्क कर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
एक साथ उठीं पांच अर्थियां
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पांचों शव देवरी सिंहपुरा गांव पहुंचे। शवों के गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शवों से लिपटकर रोते रहे और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।
देर रात पांचों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। एक तरफ पिता-पुत्र की चिता जली तो दूसरी ओर परिवार के अन्य सदस्यों की चिताएं भी सजाई गईं। एक ही परिवार के पांच सदस्यों की एक साथ मौत और फिर एक साथ अंतिम संस्कार के दृश्य ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया।
परिवार को आर्थिक सहायता का आश्वासन
मऊरानीपुर एसडीएम मनोज कुमार भारती के मुताबिक, मृतकों के परिजनों को सरकार के नियमों के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार से संपर्क बनाए रखने और जरूरी मदद उपलब्ध कराने की बात कही है।
पितृपक्ष के दौरान जिस सुखनई नदी के घाट पर परिवार पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करने पहुंचा था, वहीं कुछ देर बाद मातम पसर गया। हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत ने पूरे देवरी सिंहपुरा गांव को सदमे में डाल दिया है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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