प्रेमानंद महाराज के आश्रम में शिष्य की मौत पर विवाद, 9 दिन बाद ट्रस्ट ने जारी की अपील
वृंदावन स्थित संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े राधा केलि कुंज आश्रम में शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत का मामला चर्चा में है। 25 सितंबर 2026 को गुरु कृपा कुंज आश्रम में दीपक की मौत हुई थी। पुलिस के मुताबिक, वह चौथी मंजिल से गिरा था और प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी। मामले की जांच जारी है।
घटना के बाद मृतक के परिवार की ओर से कई सवाल उठाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कई चोटें मिलने और प्राइवेट पार्ट के कटे होने की बात सामने आने के बाद मामले को लेकर रहस्य और बढ़ गया। हालांकि, इन परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
9 दिन बाद ट्रस्ट ने जारी किया बयान
लगातार बढ़ते विवाद के बीच राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से शनिवार को सोशल मीडिया पर आधिकारिक अपील जारी की गई। ट्रस्ट ने दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत पर दुख जताते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
ट्रस्ट ने कहा कि इस घटना से संत प्रेमानंद महाराज और पूरा परिकर आहत है। साथ ही पुलिस-प्रशासन की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही गई है।
अफवाह और अपुष्ट जानकारी से बचने की अपील
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और आम लोगों से अपील की कि जांच पूरी होने तक किसी भी अपुष्ट जानकारी, अफवाह या अनुमान के आधार पर बयान या प्रचार न किया जाए। ट्रस्ट के मुताबिक, पुलिस की निष्पक्ष जांच के जरिए घटना से जुड़े वास्तविक तथ्य सामने आएंगे।
ट्रस्ट की ओर से जारी अपील में विशेष रूप से कहा गया कि अधूरी या अपुष्ट जानकारी के आधार पर संत प्रेमानंद महाराज अथवा आश्रम की छवि को प्रभावित करने वाली बातें प्रसारित न की जाएं।
परिजन उठा रहे हैं कई सवाल
दीपक लोधी की मौत के बाद उनके परिजन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार की ओर से आश्रम के बाहर पहुंचकर भी सवाल उठाए गए हैं। परिजनों की चिंता मुख्य रूप से मौत की परिस्थितियों और पोस्टमार्टम में सामने आई चोटों को लेकर है।
मामले में कुछ रिपोर्टों में एफआईआर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। वहीं, पुलिस की ओर से जांच जारी होने की बात सामने आई है। इसलिए अभी किसी भी आरोप को अंतिम तथ्य के रूप में देखना उचित नहीं है।
CCTV फुटेज की भी जांच
मामले की जांच में CCTV फुटेज भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना से पहले और बाद के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है। कुछ फुटेज सामने आने के बाद जांच को लेकर नए सवाल भी उठे हैं, लेकिन इनसे जुड़े निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
पुलिस आश्रम परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ करने और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने में लगी है। अधिकारियों का उद्देश्य घटना की परिस्थितियों और दीपक की मौत से पहले की गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ना है।
हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला
इस बीच मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र याचिका भेजे जाने की खबर भी सामने आई है। इसमें न्यायालय की निगरानी में एसआईटी जांच या मजिस्ट्रियल जांच की मांग की गई है। साथ ही साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है।
फिलहाल राधा केलि कुंज ट्रस्ट ने पुलिस जांच में सहयोग का भरोसा दिया है। दूसरी ओर, मृतक के परिजन घटना की पूरी सच्चाई सामने आने और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। अब पुलिस जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा कि 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज आश्रम में दीपक लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।


