पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे अजय राय समेत कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका, गिरफ्तारी पर भड़की कांग्रेस
लखनऊ, 12 सितंबर। गोंडा जनपद के करनैलगंज क्षेत्र में बर्तन कारोबारी स्वर्गीय विनोद साहनी की हत्या के बाद उनके पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करने जा रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय, राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह समेत दर्जनों कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने बाराबंकी टोल प्लाजा के पास रोककर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कांग्रेस नेताओं को मसौली थाने ले गई।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मसौली थाने पहुंचने लगे। पुलिस ने रास्ते में ही कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाईवे पर रोक दिया। इसके बाद थाने पहुंचे सैकड़ों कांग्रेसजनों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया।
पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने पर अजय राय ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कांग्रेस नेताओं को रोके जाने और गिरफ्तार किए जाने पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि किसी पीड़ित परिवार के घर जाकर संवेदना व्यक्त करना आखिर कौन सा अपराध है।
अजय राय ने पूछा कि कांग्रेस नेताओं को रोकने का आदेश किसके द्वारा दिया गया था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि ऊपर से आदेश आया था तो उसे लिखित रूप में क्यों नहीं दिखाया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। उनके मुताबिक गरीब, पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक और व्यापारी वर्ग अपराधों की चपेट में हैं।
अजय राय ने कहा कि सरकार को कांग्रेस नेताओं को रोकने के बजाय अपराधियों को रोकने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विनोद साहनी की हत्या को प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल बताया।
‘कांग्रेस पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी’
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और किसी भी दबाव के आगे पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है और हत्या, लूट तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसी घटना में पीड़ित परिवार से मिलकर उसका दुख साझा करना राजनीतिक अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय की लड़ाई में साथ देना है।
महिला पत्रकार के मामले पर भी सरकार को घेरा
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेसवार्ता में महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव द्वारा सवाल पूछे जाने के बाद कथित तौर पर उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।
अजय राय ने आरोप लगाया कि सवाल पूछने के बाद महिला पत्रकार को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। उन्होंने भाजपा कार्यालय में उन्हें कथित तौर पर धमकाए जाने और बुलडोजर कार्रवाई का भय पैदा किए जाने का भी आरोप लगाया।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र और पत्रकारिता के चौथे स्तंभ पर हमला करार दिया है।
‘सवाल पूछना पत्रकार का अधिकार’
अजय राय ने कहा कि पत्रकारों का काम सत्ता से सवाल पूछना है। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने की सजा देना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने खिलाफ उठने वाली निष्पक्ष आवाजों को दबाने का प्रयास कर रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पत्रकारों के खिलाफ होने वाले कथित लोकतंत्र विरोधी कृत्यों का विरोध करेगी और पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव के साथ खड़ी है।
कानून-व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का हमला जारी
कांग्रेस ने विनोद साहनी हत्याकांड में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे अपने नेताओं की गिरफ्तारी और महिला पत्रकार के मामले को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
पार्टी का कहना है कि एक ओर अपराध की घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवारों से मिलने वाले विपक्षी नेताओं को रोका जा रहा है। कांग्रेस ने दोनों मामलों को कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए अपना विरोध जारी रखने की बात कही है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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