आकाश आनंद की BSP में फिर वापसी, मायावती ने सौंपी राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में दोबारा वापसी का ऐलान कर दिया है। मायावती ने पार्टी हित और कार्यकर्ताओं की मांग का हवाला देते हुए आकाश आनंद को फिर से संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। यह घटनाक्रम आकाश आनंद के उस सार्वजनिक माफीनामे के कुछ दिन बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने मायावती से दोबारा पार्टी के लिए काम करने का मौका मांगा था।
मायावती ने फिर जताया भरोसा
मायावती ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आकाश आनंद की वापसी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के लिए बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और कांशीराम का संघर्ष हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहा है। पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए आकाश आनंद को फिर से जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया है।
मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद का पार्टी में अब तक का व्यवहार सामान्य तौर पर ठीक रहा है, लेकिन हाल के दिनों में कुछ ऐसी परिस्थितियां बनीं, जिनके कारण उन्हें संगठन की जिम्मेदारियों से अलग किया गया था।
आकाश आनंद ने मांगा था एक और मौका
आकाश आनंद ने 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर मायावती से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। उन्होंने मायावती को ‘बुआ मां’ बताते हुए उन्हें अपना राजनीतिक गुरु और प्रेरणा बताया था। आकाश ने यह भी स्पष्ट किया था कि वह किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल नहीं होने जा रहे हैं।
आकाश आनंद ने अपने संदेश में BSP को केवल राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि अपना परिवार बताया था। उन्होंने मायावती के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए पार्टी के लिए दोबारा काम करने का अवसर मांगा था।
ससुर के संन्यास के बाद बदला घटनाक्रम
आकाश आनंद को पार्टी से अलग करने के घटनाक्रम के बीच उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ भी BSP से अलग हो गए थे। आकाश आनंद ने अपने माफीनामे में अशोक सिद्धार्थ से जुड़े घटनाक्रम का भी जिक्र किया था।
उन्होंने कहा था कि उस समय सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने के कारण वह मायावती के बयान को दोबारा पोस्ट नहीं कर सके थे। उनके मुताबिक, उनकी चुप्पी को गलत तरीके से समझा गया और इससे कई तरह की चर्चाओं को जगह मिली। उन्होंने इस पर मायावती से माफी मांगी थी।
पहले भी कई बार हुई आकाश की वापसी
आकाश आनंद का BSP में राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उन्हें पहले भी पार्टी की अहम जिम्मेदारियों से हटाया गया और बाद में वापस लाया गया। अगस्त 2025 में मायावती ने उन्हें BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाया था। उस समय उन्हें पार्टी में महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिका दी गई थी।
इसके बाद सितंबर 2026 में मायावती ने उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया था और बाद में पार्टी से भी अलग कर दिया गया था। आकाश आनंद की हालिया अपील के बाद अब मायावती ने एक बार फिर उन्हें पार्टी में वापस लेने का फैसला किया है।
BSP संगठन में भी हो सकता है बदलाव
आकाश आनंद की वापसी के साथ BSP के संगठन में एक बार फिर बदलाव की संभावना बन गई है। आकाश के हटने के बाद उनके छोटे भाई ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की भूमिका दी गई थी। अब आकाश की वापसी के बाद संगठन में जिम्मेदारियों का दोबारा बंटवारा किया जा सकता है।
मायावती ने हाल में पार्टी संगठन और आगामी चुनावों को लेकर भी गतिविधियां तेज की हैं। उत्तराखंड को लेकर हुई बैठक में उन्होंने मतदाता सूची, बूथ स्तर की तैयारी और उम्मीदवारों के चयन पर जोर दिया।
2027 के चुनाव से पहले अहम घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आकाश आनंद की वापसी को BSP के संगठनात्मक घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस फैसले का आधार पार्टी हित और कार्यकर्ताओं की मांग बताया गया है।
अब आकाश आनंद की वापसी के बाद उन्हें कौन-कौन सी जिम्मेदारियां दी जाती हैं और BSP संगठन में क्या बदलाव होते हैं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल मायावती के फैसले से आकाश आनंद का BSP के साथ राजनीतिक सफर एक बार फिर आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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